शेयरहोल्डर के दर्जे में बदलाव को मंजूरी
NSE और BSE से मिली हरी झंडी के बाद, राधिका बंसल के 10,00,000 इक्विटी शेयर अब आधिकारिक तौर पर 'प्रमोटर ग्रुप' से निकलकर 'पब्लिक' शेयरहोल्डर की श्रेणी में आ गए हैं। यह Mangalam Global Enterprise Limited के कुल पेड-अप शेयर कैपिटल का 0.30% हिस्सा है।
नियामक नियमों का पालन
Mangalam Global Enterprise Limited ने 24 मार्च 2026 को घोषणा की कि कंपनी को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) दोनों से शेयरहोल्डर री-क्लासिफिकेशन के लिए आवश्यक मंजूरी मिल गई है। राधिका बंसल, जो पहले 'प्रमोटर ग्रुप' से जुड़ी थीं, अब 'पब्लिक' शेयरहोल्डर सेगमेंट में वर्गीकृत होंगी।
यह री-क्लासिफिकेशन SEBI (Listing Obligations and Disclosure Requirements) Regulations, 2015 के रेगुलेशन 31A के तहत एक प्रक्रियात्मक कदम है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि शेयरहोल्डर वर्गीकरण नियामक ढांचे के अनुसार हों, जो डिस्क्लोजर (Disclosure) की जरूरतों और कॉर्पोरेट गवर्नेंस (Corporate Governance) की रिपोर्टिंग को प्रभावित कर सकता है। निवेशकों के लिए, यह शेयरहोल्डिंग स्ट्रक्चर (Shareholding Structure) और बड़े शेयरधारकों की स्थिति को स्पष्ट करता है।
री-क्लासिफिकेशन की वजह
यह पूरी प्रक्रिया तब शुरू हुई जब राधिका बंसल को प्रमोटर विपिन प्रकाश मंगल से उपहार के तौर पर 10,00,000 शेयर मिले थे। उन्होंने 'प्रमोटर ग्रुप' से 'पब्लिक' कैटेगरी में री-क्लासिफाई करने के लिए आवेदन किया था, क्योंकि वह कंपनी के बोर्ड में कोई पद धारण नहीं करती हैं और न ही प्रबंधन में सक्रिय रूप से भाग लेती हैं। SEBI के नियमों के अनुसार, ऐसे री-क्लासिफिकेशन के लिए बोर्ड की मंजूरी, स्टॉक एक्सचेंजों में आवेदन जमा करना और उनकी 'नो-ऑब्जेक्शन' (No-objection) की आवश्यकता होती है। Mangalam Global के बोर्ड ने 13 जनवरी 2026 को बंसल के आवेदन को मंजूरी दी थी, और कंपनी ने 17 जनवरी 2026 को NSE और BSE को आवेदन सौंपा था।
SEBI के नियमों में यह भी कहा गया है कि यदि किसी प्रमोटर की संबंधित व्यक्तियों के साथ कुल होल्डिंग 1% से अधिक हो जाती है, तो शेयरधारकों की मंजूरी अनिवार्य है। इस मामले में, बंसल और किसी भी संबंधित व्यक्ति की वोटिंग अधिकार 10% से अधिक नहीं होंगे।
बदलाव का असर
एक्सचेंज की मंजूरी के बाद, राधिका बंसल की हिस्सेदारी आधिकारिक तौर पर 'पब्लिक' शेयरहोल्डर सेगमेंट के तहत दर्ज की जाएगी। Mangalam Global Enterprise Limited को अपने शेयरहोल्डर रिकॉर्ड और बाद की फाइलिंग को इस बदलाव को दर्शाने के लिए अपडेट करना होगा, जो एक सामान्य नियामक समायोजन है।
आगे क्या?
कंपनी की फाइलिंग में इस विशेष री-क्लासिफिकेशन से संबंधित कोई सीधा जोखिम नहीं बताया गया है। हालांकि, कंपनी के लिए सभी मौजूदा डिस्क्लोजर ऑब्लिगेशन्स (Disclosure Obligations) का निरंतर पालन करना महत्वपूर्ण बना हुआ है।
समान कॉर्पोरेट एक्शन
बाजार में शेयरधारिता री-क्लासिफिकेशन के इसी तरह के मामले देखे गए हैं, जैसे Birlasoft Limited में, जहां प्रमोटरों ने SEBI के LODR नियमों के अनुपालन में 'प्रमोटर और प्रमोटर ग्रुप' श्रेणी से 'पब्लिक' श्रेणी में बदलाव किया था।
