Independent Non-Executive Director, Mrs. Varsha Biswajit Adhikari, ने 20 मार्च, 2026 को Mangalam Global Enterprise के 10,000 इक्विटी शेयर खरीदे। यह खरीद उनके स्टेक को कंपनी के कुल वोटिंग कैपिटल का 0.003% तक बढ़ाती है। हालांकि यह एक छोटी बढ़ोतरी है, लेकिन इस तरह के ट्रांजेक्शन कॉरपोरेट ट्रांसपेरेंसी के लिए जरूरी होते हैं और अक्सर मैनेजमेंट के कंपनी के भविष्य में विश्वास का संकेत माने जाते हैं।
नियामकीय जांच की छाया
Mangalam Global Enterprise पहले भी गंभीर नियामकीय जांच के दायरे में रही है। मार्च 2026 में, भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने कंपनी से जुड़े व्यक्तियों के लिए एक सेटलमेंट ऑर्डर जारी किया था। उन पर वित्तीय गड़बड़ी, फर्जी लेखांकन प्रविष्टियों और फंड डायवर्जन जैसे आरोप थे। कंपनी का कहना है कि इस सेटलमेंट का कंपनी के वित्तीय या परिचालन पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ा। ये आरोप फरवरी 2025 में जारी एक शो-कॉज नोटिस से जुड़े थे, जिसमें वित्तीय विवरणों में हेरफेर और धोखाधड़ी वाले व्यापार प्रथाओं की संभावना जताई गई थी। इससे पहले, कंपनी एक कॉर्पोरेट दिवालियापन समाधान प्रक्रिया (CIRP) से भी गुजरी थी, जो एक स्वीकृत समाधान योजना के साथ समाप्त हुई थी।
प्रशासनिक चिंताएं बनी हुई हैं
SEBI का पिछला सेटलमेंट ऑर्डर, जिसमें Mangalam Global से जुड़े व्यक्तियों द्वारा वित्तीय अनियमितताओं के आरोप शामिल थे, शासन-सचेत निवेशकों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है।
निवेशकों को क्या देखना चाहिए
आगे चलकर, निवेशक मिसेज Adhikari की शेयरधारिता में किसी भी और बदलाव पर नजर रखना चाहेंगे। कंपनी के संचालन और निवेशक भावना पर पिछले SEBI सेटलमेंट के दीर्घकालिक प्रभावों पर नजर रखना भी महत्वपूर्ण होगा। Mangalam Global के वित्तीय प्रदर्शन और नियामक अनुपालन पर लगातार ध्यान देना महत्वपूर्ण होगा।
