राजस्थान सरकार के एपिलेट अथॉरिटी ने Mangal Electrical Industries Ltd. के खिलाफ ₹55.73 लाख की जीएसटी डिमांड का आदेश जारी किया है। यह आदेश फाइनेंशियल ईयर 2017-18 के लिए इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) के कथित तौर पर अधिक इस्तेमाल और अन्य विसंगतियों के चलते दिया गया है।
इस डिमांड में मूल कर राशि के साथ-साथ लागू ब्याज और जुर्माने (Penalties) की रकम भी शामिल है। कंपनी के मैनेजमेंट ने साफ कर दिया है कि वे इस आदेश को एपिलेट ट्रिब्यूनल में अपील दायर करके चुनौती देंगे।
यह स्थिति Mangal Electrical के लिए एक आकस्मिक देनदारी (Contingent Liability) है। अपील के नतीजे पर यह निर्भर करेगा कि कंपनी को यह ₹55.73 लाख का भुगतान करना होगा या नहीं।
Mangal Electrical Industries Ltd. पावर सेक्टर में ट्रांसफॉर्मर कंपोनेंट्स और ट्रांसफॉर्मर की प्रमुख निर्माता है। 2008 में स्थापित यह कंपनी, अगस्त 2025 में IPO लेकर आई थी। यह राजस्थान में पांच मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स का संचालन करती है और इलेक्ट्रिकल सबस्टेशन के लिए ईपीसी (EPC) सेवाएं भी प्रदान करती है। वित्तीय प्रदर्शन की बात करें तो, पिछले पांच सालों में कंपनी ने मजबूत ग्रोथ दिखाई है, जिसमें फाइनेंशियल ईयर 25 में रेवेन्यू ₹551 करोड़ तक पहुंच गया और प्रॉफिट 74.3% की कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) से बढ़ा है। NABL, NTPC और PGCIL जैसी संस्थाओं से मिली मंजूरी भी इसकी परिचालन मजबूती को दर्शाती है।
कंपनी का अगला कदम एपिलेट ट्रिब्यूनल में अपील दाखिल करने की कानूनी प्रक्रिया शुरू करना है। निवेशक और स्टेकहोल्डर्स इस कानूनी चुनौती की प्रगति पर बारीकी से नजर रखेंगे।
अगर अपील सफल नहीं होती है, तो ₹55.73 लाख की मांग कंपनी के लिए मुख्य वित्तीय जोखिम पेश करेगी।
प्रतिस्पर्धा के मामले में, Mangal Electrical, ABB India Ltd., Siemens Ltd., Hitachi Energy India Ltd. और Vilas Transcore Ltd. जैसे बड़े खिलाड़ियों के साथ प्रतिस्पर्धा करती है।