मैनब्रो इंडस्ट्रीज की नई रणनीति
मैनब्रो इंडस्ट्रीज अब सिर्फ एक सेक्टर तक सीमित नहीं रहना चाहती। कंपनी ने 30 मार्च, 2026 को Green AAC Block का अधिग्रहण पूरा कर लिया है। यह मूव कंपनी को बिल्डिंग मटेरियल सेक्टर में एक मजबूत पहचान दिलाएगा। Autoclaved Aerated Concrete (AAC) ब्लॉक, हल्के, इंसुलेटिंग और फायर-रेसिस्टेंट होने के कारण भारत के कंस्ट्रक्शन मार्केट में तेजी से पॉपुलर हो रहे हैं।
पोर्टफोलियो में विस्तार
यह अधिग्रहण मैनब्रो इंडस्ट्रीज के पोर्टफोलियो का हिस्सा है, जिसमें हाल ही में स्टील प्रोडक्ट्स, व्हीकल स्क्रैपिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर सॉल्यूशंस जैसे सेक्टर्स में भी कदम रखे गए हैं। पहले Gotripily Travel Services Private Limited के नाम से जानी जाने वाली यह कंपनी अब AAC ब्लॉक और मोर्टार बनाने का काम करेगी। इस डील को मैनब्रो के बोर्ड ने 03 सितंबर, 2025 को मंजूरी दी थी।
कंपनी ने जुलाई 2025 में Shivam Pipe Industries (51%), KD Ecosystem (26%), और K D Infrastructures (99.90%) में भी स्टेक खरीदे थे। हाल ही में, मार्च 2026 में कंपनी का नाम Unimode Overseas Limited से बदलकर KD Green Industries Limited किया गया था और फरवरी 2026 में 1:10 का स्टॉक स्प्लिट भी हुआ था। Green AAC Block की शुरुआत नवंबर 2023 में हुई थी।
क्या हैं चुनौतियां?
Green AAC Block अब मैनब्रो इंडस्ट्रीज के फाइनेंशियल्स का हिस्सा होगी, जिससे कंपनी को बढ़ते AAC ब्लॉक मार्केट में सीधी एंट्री मिलेगी। इस डाइवर्सिफिकेशन का मकसद किसी एक सेक्टर पर निर्भरता कम करना और कंपनी के इंफ्रास्ट्रक्चर व कंस्ट्रक्शन वैल्यू चेन में तालमेल बिठाना है।
हालांकि, इस इंटीग्रेशन में एग्जीक्यूशन रिस्क (Execution Risk) भी हैं। Green AAC Block की पिछली रिपोर्टों में इसके रेवेन्यू और पेड-अप कैपिटल के बीच कुछ अंतर देखा गया था, जिस पर बारीकी से नजर रखनी होगी। मैनब्रो की आक्रामक एक्विजिशन स्ट्रैटेजी (Acquisition Strategy) कंपनी के फाइनेंशियल रिसोर्सेज और मैनेजमेंट पर दबाव डाल सकती है।
मैनब्रो इंडस्ट्रीज अब Magicrete Building Solutions, Ultratech Cement (Birla AAC Block), JK Lakshmi Cement (JK Smartblox), और Biltech Building Elements Ltd. जैसे बड़े प्लेयर्स के साथ कंपीट करेगी।
मैनब्रो इंडस्ट्रीज ने फाइनेंशियल ईयर 2025 में अपने रेवेन्यू में 38.14% की ईयर-ऑन-ईयर गिरावट दर्ज की है, जबकि अर्निंग्स पर शेयर (EPS) में 77.71% की कमी आई थी।
निवेशकों की नजरें अब Green AAC Block के ऑपरेशनल प्लान्स, इंटीग्रेशन प्रोसेस और कंपनी के फाइनेंशियल हेल्थ पर टिकी रहेंगी।