मुनाफे में तूफानी तेजी की वजह
कंपनी की इस शानदार परफॉरमेंस का श्रेय उसके एल्युमीनियम-जिंक (Alu-Zinc) कोटिंग टेक्नोलॉजी के कमर्शियलाइजेशन (commercialization) और ₹375 करोड़ की मजबूत ऑर्डर बुक (Order Book) को जाता है। खास बात यह है कि इस ऑर्डर बुक का 80% हिस्सा एक्सपोर्ट्स (Exports) से है, जो कंपनी के ग्लोबल फुटप्रिंट को दर्शाता है।
EBITDA में भी दमदार उछाल
सिर्फ मुनाफे ही नहीं, कंपनी के EBITDA में भी 49% की जोरदार बढ़ोतरी देखी गई, जो बढ़कर ₹92.21 करोड़ हो गया।
भविष्य के लिए बड़ी योजनाएं
Manaksia Coated Metals आगे बढ़ने के लिए बड़ी तैयारी कर रही है। कंपनी अपनी एल्युमीनियम-जिंक कोटिंग कैपेसिटी (Capacity) को FY28 तक दोगुना कर 360,000 MTPA तक ले जाने की योजना बना रही है। साथ ही, FY28 तक एक नई कोल्ड रोलिंग मिल (Cold Rolling Mill) कॉम्प्लेक्स के जरिए बैकवर्ड इंटीग्रेशन (Backward Integration) की ओर भी कदम बढ़ाएगी। प्री-पेंटेड स्टील कैपेसिटी भी Q2 FY27 तक 236,000 MTPA तक पहुंचेगी।
सोलर पावर और लागत में कटौती
बिजली की लागत कम करने के लिए, कंपनी Q2 FY27 तक 7MW का कैप्टिव सोलर प्लांट (Captive Solar Plant) लगाएगी। इससे बिजली खर्च में 40% तक की कटौती होने का अनुमान है, जो सालाना करीब ₹7 करोड़ की बचत कराएगा।
चुनौतियां और पिछला प्रदर्शन
हालांकि, कंपनी के मैनेजमेंट ने Q4 FY26 में कुछ अस्थायी मार्जिन प्रेशर (Margin Pressure) की बात स्वीकार की है। इसका कारण बढ़ी हुई माल ढुलाई (Freight), एनर्जी और इनपुट कॉस्ट (Input Costs) को बताया गया है।
CAGR पर एक नजर
पिछले तीन सालों (FY23 से FY26) में कंपनी की कुल आय का CAGR 10.89% रहा है, जबकि EBITDA का CAGR 34.23% और नेट प्रॉफिट का CAGR 63.27% रहा है, जो मजबूत ग्रोथ को दिखाता है।
निवेशकों की नजरें
निवेशक अब Q2 FY27 तक नए कलर कोटिंग लाइन के चालू होने का इंतजार कर रहे हैं। साथ ही, FY28 तक पूरी होने वाली एल्युमीनियम जिंक कोटिंग लाइन, कोल्ड रोलिंग मिल कॉम्प्लेक्स और सोलर प्लांट से होने वाली लागत बचत पर भी उनकी पैनी नजर रहेगी।
