मैनक्सिया एल्युमिनियम के FY26 के नतीजे
कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने 31 मार्च, 2026 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर के लिए स्टैंडअलोन नतीजों को मंजूरी दे दी है। इस दौरान कंपनी का कुल रेवेन्यू (Revenue) ₹564.73 करोड़ रहा, जबकि टैक्स के बाद नेट प्रॉफिट ₹7.56 करोड़ दर्ज किया गया। यह पिछले फाइनेंशियल ईयर (FY25) के ₹6.05 करोड़ के मुनाफे से 25% ज्यादा है।
डिविडेंड (Dividend) का ऐलान
बोर्ड ने शेयरधारकों की मंजूरी मिलने पर 5% का फाइनल डिविडेंड देने की सिफारिश की है। यह प्रति शेयर ₹0.05 होगा। साथ ही, अगले फाइनेंशियल ईयर 2026-27 के लिए M/s S. Bhalotia & Associates को इंटरनल ऑडिटर और M/s S. Chhaparia & Associates को कॉस्ट ऑडिटर नियुक्त किया गया है।
कंपनी की पृष्ठभूमि और विस्तार योजनाएं
मैनक्सिया एल्युमिनियम एल्युमिनियम के डाउनस्ट्रीम सेक्टर में काम करती है, जो रोल्ड प्रोडक्ट्स और एक्सट्रूजन (Extrusions) बनाने पर फोकस करती है। कंपनी अपनी मौजूदगी को बढ़ाने के लिए अमेरिका (USA) और UAE में नई यूनिट्स स्थापित करने की योजना बना रही है।
निवेशकों के लिए अहम बातें
FY26 के ऑडिटेड नतीजे शेयरधारकों को कंपनी के प्रदर्शन की स्पष्ट तस्वीर देते हैं। ₹0.05 प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड, अगर शेयरधारक इसे मंजूरी देते हैं, तो निवेशकों को रिटर्न का एक जरिया बन सकता है।
बड़ा रिस्क: जीएसटी (GST) डिमांड
कंपनी के लिए एक बड़ा वित्तीय जोखिम ₹38.80 करोड़ का गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) डिमांड ऑर्डर है। इसमें ₹3.88 करोड़ का जुर्माना और लागू ब्याज भी शामिल है। यह डिमांड अक्टूबर 2018 से मार्च 2022 की अवधि के लिए है। मैनेजमेंट का मानना है कि यह डिमांड टिकाऊ नहीं है, लेकिन अगर यह उनके पक्ष में नहीं जाता है, तो कंपनी के फाइनेंशियल्स पर बुरा असर पड़ सकता है।
प्रमुख आंकड़े
- FY26 कुल रेवेन्यू (स्टैंडअलोन): ₹564.73 करोड़
- FY26 नेट प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (स्टैंडअलोन): ₹7.56 करोड़
- FY25 नेट प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (स्टैंडअलोन): ₹6.05 करोड़
- Q4 FY26 नेट प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (स्टैंडअलोन): ₹3.24 करोड़
- जीएसटी डिमांड: ₹38.80 करोड़ (मूल राशि), ₹3.88 करोड़ (जुर्माना), साथ ही ब्याज।
आगे क्या देखना है?
निवेशकों को ₹0.05 प्रति शेयर के फाइनल डिविडेंड पर शेयरधारकों की मंजूरी पर नजर रखनी चाहिए। जीएसटी डिमांड ऑर्डर के खिलाफ चल रही अपील के नतीजों, अमेरिका और UAE में नई यूनिट्स की स्थापना की प्रगति और कंसोलिडेटेड फाइनेंशियल स्टेटमेंट्स की तैयारी पर भी नजरें रहेंगी।
