Mahindra EPC Irrigation Ltd ने 31 मार्च, 2026 को समाप्त हुए वित्त वर्ष और चौथी तिमाही के अपने फाइनेंशियल नतीजे जारी किए हैं। स्टैंडअलोन आधार पर, कंपनी ने Q4 FY26 में 10.85% की साल-दर-साल बढ़ोतरी के साथ ₹108.00 करोड़ का कुल रेवेन्यू दर्ज किया।
हालांकि, इस तिमाही में प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) पिछले साल की समान अवधि के ₹6.25 करोड़ की तुलना में घटकर ₹4.79 करोड़ रह गया। यह रेवेन्यू में वृद्धि के बावजूद मुनाफे में 23% की गिरावट दर्शाता है।
पूरे वित्त वर्ष 2026 (FY26) के लिए, स्टैंडअलोन कुल रेवेन्यू 14.80% बढ़कर ₹315.79 करोड़ रहा। कंपनी ने स्टैंडअलोन PAT में 76.01% का महत्वपूर्ण सालाना सुधार दर्ज किया, जो FY25 के ₹7.21 करोड़ से बढ़कर FY26 में ₹12.69 करोड़ हो गया।
निवेशकों के लिए एक अहम चिंता यह है कि कंपनी का स्टैंडअलोन कर्ज (borrowings) पिछले वर्ष के ₹25.19 करोड़ से काफी बढ़कर ₹45.21 करोड़ पर पहुंच गया है।
स्टैच्यूटरी ऑडिटर्स ने वार्षिक नतीजों पर अनमोडिफाइड ओपिनियन (unmodified opinion) दिया है, और कुल इक्विटी ₹172.61 करोड़ से बढ़कर ₹185.05 करोड़ हो गई है।
नए लेबर कोड के कारण रिटायरल बेनिफिट्स पर ₹2.00 करोड़ का एक खास खर्च भी दर्ज किया गया।
कंपनी ने 2018 में एक इजरायली फर्म के साथ मिलकर Mahindra Top Greenhouses Private Limited नाम का एक जॉइंट वेंचर (JV) बनाया था, लेकिन इसके ऑपरेशन्स FY2023-24 में बंद कर दिए गए।
हाल ही में कंपनी को माइक्रो-इरिगेशन प्रोजेक्ट्स के कई ऑर्डर मिले हैं, जिनमें मार्च 2026 में घोषित लगभग ₹17.95 करोड़ का एक ऑर्डर भी शामिल है।
सेक्टर में Jain Irrigation Systems और Finolex Industries जैसे बड़े खिलाड़ी मौजूद हैं। Finolex Industries जैसे प्रतिस्पर्धियों की तुलना में, Mahindra EPC के कर्ज में हुई हालिया वृद्धि निवेशकों के लिए ध्यान देने योग्य है।
अब निवेशकों को मैनेजमेंट से Q4 में प्रॉफिट में आई गिरावट और कर्ज में हुई बढ़ोतरी के कारणों पर कमेंट्री का इंतजार रहेगा। साथ ही, कंपनी की भविष्य की ऑर्डर बुक और चल रहे प्रोजेक्ट्स का एग्जीक्यूशन भी महत्वपूर्ण होगा।
