Madhusudan Industries Limited ने साफ कर दिया है कि 1 अप्रैल 2026 से कंपनी के 'डिजाइनटेड पर्सन्स' यानी कुछ खास लोगों और उनके रिश्तेदारों के लिए शेयर ट्रेडिंग पर पाबंदी रहेगी।
यह ट्रेडिंग विंडो तब तक बंद रहेगी जब तक कंपनी चौथी तिमाही और पूरे फाइनेंशियल ईयर 2026 के ऑडिटेड नतीजे जारी नहीं कर देती। नतीजों के ऐलान के 48 घंटे बाद तक यह रोक जारी रहेगी। SEBI के नियमों और कंपनी की इंटरनल पॉलिसी का पालन करते हुए यह कदम उठाया गया है ताकि किसी भी तरह की Insider Trading को रोका जा सके।
ट्रेडिंग विंडो बंद करना एक आम कॉर्पोरेट गवर्नेंस प्रैक्टिस है। इसका मकसद शेयर बाजार में निष्पक्षता और पारदर्शिता बनाए रखना है। इससे यह सुनिश्चित होता है कि कोई भी अंदरूनी जानकारी (Non-public Information) सार्वजनिक होने से पहले उसका गलत इस्तेमाल न कर सके।
Madhusudan Industries की बात करें तो यह कंपनी 1945 में गुजरात में स्थापित हुई थी। कंपनी ने अपने बिजनेस मॉडल में काफी बदलाव किए हैं। पहले यह खाने के तेल और सैनिटरी वेयर बनाती थी, लेकिन अब इसका फोकस प्रॉपर्टी रेंटल, जैसे गोदाम और ऑफिस स्पेस, पर है। कंपनी की मार्केट कैप अभी करीब ₹15-16 करोड़ है। हालांकि, कंपनी का पिछला फाइनेंशियल रिकॉर्ड कुछ खास नहीं रहा है, जैसे सेल्स ग्रोथ धीमी, इक्विटी और कैपिटल एम्प्लॉयड पर रिटर्न कम, और देनदारों की संख्या ज्यादा।
हाल ही में फरवरी 2026 में आए Q3 FY26 के नतीजों में भी कंपनी की सेल्स और नेट प्रॉफिट में तिमाही-दर-तिमाही गिरावट दिखी थी। रिपोर्ट के मुताबिक, Q3 FY26 में कंपनी का रेवेन्यू ₹0.24 करोड़ रहा, जो पिछली तिमाही से 7.69% कम था। वहीं, नेट प्रॉफिट ₹0.15 करोड़ दर्ज किया गया, जो पिछली तिमाही से 37.50% कम था, लेकिन पिछले साल के मुकाबले 7.14% ज्यादा था।
अब निवेशकों की नजरें कंपनी की बोर्ड मीटिंग की तारीख पर होंगी, जहां इन नतीजों को मंजूरी दी जाएगी। इसके बाद Q4 और पूरे FY26 के नतीजे जारी होंगे। कंपनी के भविष्य के बिजनेस डेवलपमेंट प्लान्स पर भी नजर रखी जाएगी। SEBI के Insider Trading नियमों का पालन न करना एक बड़ा जोखिम हो सकता है, जिस पर कंपनी को भारी जुर्माना भी भरना पड़ सकता है।
