टैक्स ट्रिब्यूनल का बड़ा फैसला: ₹182 करोड़ की डिमांड शून्य
MRF लिमिटेड ने अपने टैक्स संबंधी मामलों में एक अहम जीत हासिल की है। इनकम टैक्स अपीलेट ट्रिब्यूनल (ITAT) ने कंपनी की दो अपीलों को स्वीकार कर लिया है, जिसके बाद असेसमेंट ईयर 2015-16 के लिए ₹89.62 करोड़ और असेसमेंट ईयर 2016-17 के लिए ₹92.46 करोड़ की कुल ₹182.08 करोड़ की टैक्स डिमांड को रद्द कर दिया गया है।
MRF के लिए वित्तीय राहत
इस फैसले से MRF पर से एक बड़ा वित्तीय बोझ कम हो गया है। कंपनी को अब इन सालों के लिए इतनी बड़ी रकम का भुगतान नहीं करना पड़ेगा, जिससे उसकी बैलेंस शीट मजबूत होगी और निवेशकों का भरोसा भी बढ़ेगा। यह कंपनी के लिए बिना किसी नकद खर्च के एक बड़ी राहत है।
कंपनी की शानदार परफॉर्मेंस
यह खबर ऐसे समय में आई है जब MRF पहले से ही मजबूत वित्तीय नतीजों का प्रदर्शन कर रही है। हाल ही में, कंपनी ने फाइनेंशियल ईयर 2023-24 की तीसरी तिमाही (Q3 FY24) में 67% की जोरदार बढ़ोतरी के साथ ₹472 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया था। वहीं, रेवेन्यू भी 13.8% बढ़कर ₹6,362 करोड़ रहा था।
प्रतिस्पर्धियों से बेहतर प्रदर्शन
MRF का Q3 FY24 का नेट प्रॉफिट ₹472 करोड़ रहा, जबकि इसी अवधि में Apollo Tyres ने ₹163 करोड़, CEAT Ltd ने ₹152 करोड़ और JK Tyre & Industries ने ₹75 करोड़ का प्रॉफिट दर्ज किया था। इससे MRF की बाजार में मजबूत पकड़ साफ दिखती है।
क्या आगे हो सकता है?
हालांकि, यह ध्यान देने योग्य है कि कंपनी की फाइलिंग के अनुसार, यह संभव है कि इनकम टैक्स अथॉरिटी भविष्य में इन मामलों की फिर से जांच कर सकती है। लेकिन फिलहाल, यह टैक्स डिमांड पूरी तरह से खत्म हो गई है।
