MRF Ltd. ने FY26 में दर्ज की दमदार ग्रोथ
MRF Ltd. ने 31 मार्च, 2026 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर (FY26) के लिए अपने नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट पिछले साल के मुकाबले 30% की छलांग लगाकर ₹2,426.10 करोड़ पर पहुंच गया है। वहीं, कंपनी की टोटल इनकम भी 10.79% की मजबूती के साथ ₹31,653.64 करोड़ दर्ज की गई। FY26 की चौथी तिमाही (Q4) में भी कंपनी का नेट प्रॉफिट ₹702.25 करोड़ रहा, जो पिछले साल की इसी अवधि के ₹573.99 करोड़ से काफी ज्यादा है।
निवेशकों को तोहफा: ₹235 डिविडेंड!
इस शानदार परफॉरमेंस के बीच, कंपनी ने शेयरधारकों को 2350% का बंपर डिविडेंड देने का ऐलान किया है, जिसका मतलब है ₹235 प्रति शेयर। यह कंपनी की मजबूत कैश जनरेशन क्षमता को दर्शाता है।
कर्ज में बड़ी कटौती, बैलेंस शीट हुई मजबूत
MRF ने अपने कर्ज (debt) में भी बड़ी कटौती की है, जिससे इसका बैलेंस शीट और भी मजबूत हुआ है। मार्च 2025 में ₹1,212.11 करोड़ रहा स्टैंडअलोन करंट बोर्रोइंग (standalone current borrowings) मार्च 2026 तक घटकर ₹674.09 करोड़ रह गया है।
नए प्लांट में ₹5,300 करोड़ का निवेश
इसके अलावा, कंपनी ने मार्च 2026 में तमिलनाडु सरकार के साथ एक नए ग्रीनफील्ड टायर मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी के लिए एक नॉन-बाइंडिंग एमओयू (MoU) साइन किया है। इस प्रोजेक्ट में अगले 12 सालों में करीब ₹5,300 करोड़ का निवेश किया जाएगा, जो भविष्य में कंपनी की ग्रोथ को गति देगा।
एक्स्ट्राऑर्डिनरी चार्ज और लीगल मामले
हालांकि, कंपनी को नए लेबर कोड से जुड़ी देनदारियों के पुनर्मूल्यांकन के लिए ₹63.24 करोड़ का एक एक्स्ट्राऑर्डिनरी चार्ज (exceptional charge) भी लगा है, जिसका असर नतीजों पर दिखा है। कंपनी पिछली एसेसमेंट इयर्स के लिए ₹55.45 लाख के टैक्स पेनल्टी पर अपील करने की योजना बना रही है। साथ ही, कंपनी भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) द्वारा लगाए गए कार्टेलाइजेशन (cartelisation) के जुर्माने से जुड़े कानूनी मामलों में भी शामिल है।
इंडस्ट्री में दबदबा
FY26 में MRF का 30% का प्रॉफिट ग्रोथ इसे भारतीय टायर इंडस्ट्री में Apollo Tyres, CEAT और JK Tyre जैसे अपने प्रतिद्वंद्वियों से काफी आगे रखता है। कंपनी का रेवेन्यू ग्रोथ और प्रॉफिट इंक्रीज इसकी मार्केट लीडरशिप को दिखाता है।
