इनकम टैक्स विभाग का नोटिस और कंपनी का जवाब
MPS Limited ने शेयर बाजार को दी जानकारी में बताया है कि उन्हें इनकम टैक्स विभाग से असेसमेंट ईयर 2023-24 के लिए एक बड़ा इनकम टैक्स असेसमेंट ऑर्डर (Income Tax Assessment Order) और डिमांड नोटिस (Demand Notice) मिला है। इस नोटिस के तहत, कंपनी की इनकम में ₹4.82 करोड़ की एन्हांसमेंट (Enhancement) की गई है, जिसके परिणामस्वरूप कुल ₹21.78 करोड़ का टैक्स और ₹6.35 करोड़ का ब्याज (Income Tax Act की Section 234B के तहत) चुकाने का आदेश दिया गया है।
कंपनी को क्यों है आपत्ति? क्या हैं तर्क?
MPS Limited इस डिमांड को कैलकुलेट करने के तरीके पर सवाल उठा रही है। कंपनी का साफ कहना है कि यह डिमांड गलत टैक्स रेट (25.168%) के आधार पर तय की गई है। इसके अलावा, कंपनी के ₹1.15 करोड़ के फॉरेन टैक्स क्रेडिट (Foreign Tax Credit) को भी इस असेसमेंट में शामिल नहीं किया गया है, जिससे यह डिमांड इतनी बड़ी हो गई है।
आगे क्या करेगी कंपनी? क्या उम्मीद है?
इस इनकम टैक्स ऑर्डर के खिलाफ MPS Limited पूरी तैयारी में है। कंपनी इनकम टैक्स कमिश्नर (अपील्स) के पास अपील (Appeal) फाइल करेगी। साथ ही, इनकम-टैक्स एक्ट की धारा 154 के तहत एक रेक्टिफिकेशन एप्लीकेशन (Rectification Application) भी सबमिट की जाएगी ताकि नोटिस में हुई विसंगतियों को सुधारा जा सके। कंपनी का मैनेजमेंट यह भरोसा दिला रहा है कि इस पूरी लीगल प्रोसीडिंग्स (Legal Proceedings) का उसके रोज़मर्रा के बिज़नेस ऑपरेशन्स (Business Operations) या फाइनेंशियल पोजीशन (Financial Position) पर कोई खास या मटेरियल (Material) असर नहीं पड़ेगा।
निवेशकों को किन बातों पर रखनी होगी नज़र?
इस मामले में एक संभावित जोखिम यह भी है कि भविष्य में कंपनी पर इनकम कम रिपोर्ट करने का आरोप लगाकर इनकम-टैक्स एक्ट की धारा 270A के तहत पेनल्टी (Penalty) लगाने की कार्रवाई शुरू हो सकती है। हालांकि, कंपनी की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, रिपोर्टिंग की तारीख तक ऐसा कोई पेनल्टी ऑर्डर जारी नहीं हुआ है। निवेशकों को कंपनी की अपील और रेक्टिफिकेशन एप्लीकेशन के नतीजों पर बारीकी से नज़र रखनी चाहिए।
