कॉर्पोरेट गवर्नेंस को मिलेगी नई धार
Lykis Limited ने 22 अप्रैल 2026 को इन नियुक्तियों की घोषणा की, जो कंपनी के कॉर्पोरेट गवर्नेंस ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही हैं। सुश्री अग्रवाल और सुश्री गांधी कॉर्पोरेट लॉ, कंप्लायंस, बैंकिंग और फाइनेंस जैसे क्षेत्रों में अपनी खास विशेषज्ञता लेकर आएंगी, जिससे बोर्ड की निगरानी और निर्णय लेने की क्षमता में सुधार होने की उम्मीद है। यह नियुक्ति तुरंत प्रभाव से लागू होगी और पांच साल की अवधि के लिए मान्य होगी, लेकिन अंतिम मंजूरी कंपनी की आगामी एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में शेयरहोल्डरों से मिलनी बाकी है।
पिछली नियुक्तियों और कंपनी का सफर
1984 में ग्रीनलाइन टी एंड एक्सपोर्ट्स लिमिटेड के नाम से शुरू हुई Lykis Limited, अब होम और पर्सनल केयर FMCG सेक्टर में एक जानी-मानी कंपनी है। हाल ही में बोर्ड में कुछ बदलाव देखे गए हैं। इसी साल 1 अप्रैल 2026 को मिसेज मंगला प्रभु और 27 मार्च 2026 को राजेंद्र सिंहवी ने स्वतंत्र डायरेक्टर के पद से इस्तीफा दे दिया था।
वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच कंपनी का रुख
इस साल की शुरुआत में, जनवरी 2026 में, Lykis ने बढ़ती वैश्विक आर्थिक और भू-राजनीतिक जोखिमों के कारण एक सतर्क दृष्टिकोण (cautionary outlook) जारी किया था। कंपनी ने महंगाई, परिचालन लागत में वृद्धि और विदेशी मुद्रा की अस्थिरता जैसी चिंताओं पर प्रकाश डाला था, खासकर अफ्रीकी बाजारों में।
पिछली तिमाही के नतीजे
अगर पिछली तिमाही की बात करें, तो 31 दिसंबर 2025 को समाप्त हुई तिमाही में Lykis Limited ने ₹27.47 करोड़ के रेवेन्यू पर ₹1.43 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया था।
आगे क्या देखना होगा?
निवेशकों को अब आगामी एजीएम में शेयरहोल्डरों के वोट के नतीजे, नए डायरेक्टर्स के बोर्ड चर्चाओं और कंपनी की रणनीति में योगदान, और वैश्विक आर्थिक जोखिमों के सामने कंपनी के प्रदर्शन पर बारीकी से नजर रखनी चाहिए।
