Lloyds Metals ₹1 लाख करोड़ के पार! रिकॉर्ड रेवेन्यू और बड़े विस्तार से निवेशकों में खुशी की लहर

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AuthorNeha Patil|Published at:
Lloyds Metals ₹1 लाख करोड़ के पार! रिकॉर्ड रेवेन्यू और बड़े विस्तार से निवेशकों में खुशी की लहर
Overview

Lloyds Metals and Energy Ltd ने मार्केट कैप में **₹1 लाख करोड़** का बड़ा आंकड़ा पार कर लिया है। कंपनी के रिकॉर्ड कंसोलिडेटेड रेवेन्यू **₹17,000 करोड़** से ऊपर रहने और आयरन ओर प्रोडक्शन में **120%** की जोरदार ग्रोथ के बाद यह कामयाबी मिली है।

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Lloyds Metals and Energy Ltd ने इतिहास रच दिया है! कंपनी का मार्केट कैप ₹1 लाख करोड़ के पार निकल गया है। यह माइलस्टोन Q4 FY26 के शानदार नतीजों के दम पर हासिल हुआ है, जिसमें कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू ₹17,000 करोड़ से भी ऊपर पहुंच गया।

कंपनी ने अपने आयरन ओर प्रोडक्शन में पिछले साल की तुलना में 120% की जबरदस्त बढ़ोतरी दर्ज की है। इसके अलावा, कंपनी अब कॉपर (Copper) और कोबाल्ट (Cobalt) जैसे नए मिनरल्स (Minerals) में भी उतर रही है।

रिकॉर्ड नतीजे और ग्लोबल ग्रोथ

Q4 FY26 के नतीजों में कंपनी का रेवेन्यू ₹17,000 करोड़ से अधिक रहा। आयरन ओर का उत्पादन बढ़कर 22 मिलियन टन हो गया, जबकि DRI वॉल्यूम में 56% की तेजी आई। EBITDA मार्जिन लगातार दूसरी तिमाही 34% के आसपास बना रहा, जो कंपनी की मजबूत ऑपरेशनल परफॉर्मेंस को दिखाता है। कंपनी अपनी लॉजिस्टिक्स कॉस्ट (Logistics Cost) को और कम करने के लिए 85 किमी की मौजूदा और एक नई 195 किमी की पाइपलाइन पर भी काम कर रही है।

मैनेजमेंट ने FY27 के लिए 26 मिलियन टन आयरन ओर और 77.5 से 80 लाख टन पेलेट्स का लक्ष्य रखा है। Q4 FY27 तक 12 लाख टन की नई वायर रॉड मिल (Wire Rod Mill) भी शुरू होने की उम्मीद है। कंपनी का लक्ष्य मार्च 2028 तक सालाना ₹2,000 करोड़ से अधिक की कॉस्ट सेविंग्स (Cost Savings) हासिल करना है।

डाइवर्सिफाइड प्लेयर बनने की ओर

यह माइलस्टोन Lloyds Metals के लिए एक बड़ा कदम है, जो इसे एक डोमेस्टिक आयरन ओर प्रोड्यूसर (Domestic Iron Ore Producer) से एक डाइवर्सिफाइड ग्लोबल माइनिंग एंटिटी (Diversified Global Mining Entity) के तौर पर स्थापित कर रहा है।

ग्लोबल प्रेज़ेंस का विस्तार

कंपनी ने दिसंबर 2022 में Thriveni Earthmovers के आयरन ओर बिजनेस में 51% की हिस्सेदारी खरीदी थी, जिससे उसका प्रोडक्शन काफी बढ़ा। इसके बाद 2023 के मध्य में, कंपनी ने डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (DRC) में Chemaf SARL में 49% स्टेक लिया है। यह कदम कंपनी को कॉपर और कोबाल्ट जैसे क्रिटिकल मिनरल्स (Critical Minerals) सेक्टर में एंट्री दिलाता है।

मुख्य डेवलपमेंट और भविष्य की योजनाएं

कंपनी FY27-28 के लिए करीब ₹15,000 करोड़ का कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capex) करने की योजना बना रही है और अपना Net Debt/EBITDA रेश्यो 1.0x से 1.5x के बीच रखने का लक्ष्य रखती है।

संभावित चुनौतियां

हालांकि, DRC जैसे नए इलाकों में काम करने के कुछ रिस्क (Risks) हैं। सूर्या माइन (Surya Mine) में सल्फ्यूरिक एसिड की कमी के कारण कॉपर का उत्पादन अस्थायी रूप से प्रभावित हो रहा है। इसके अलावा, कंपनी लो-ग्रेड आयरन ओर के Average Selling Price (ASP) पर संभावित रेगुलेटरी बदलावों (Regulatory Changes) पर भी नजर रख रही है।

मार्केट लैंडस्केप और कॉम्पिटिशन

घरेलू बाजार में, Lloyds Metals का सीधा मुकाबला NMDC Ltd से है, जो भारत का सबसे बड़ा आयरन ओर प्रोड्यूसर है। वहीं, स्टील और क्रिटिकल मिनरल्स में डाइवर्सिफिकेशन इसे JSW Steel Ltd जैसी बड़ी और इंटीग्रेटेड कंपनियों के साथ कॉम्पिटिशन (Competition) में लाता है।

निवेशकों के लिए मुख्य बातें

निवेशकों की नजरें ₹15,000 करोड़ के कैपेक्स प्लान के एग्जीक्यूशन (Execution) पर रहेंगी। DRC से कॉपर और कोबाल्ट का प्रोडक्शन बढ़ाना, सूर्या माइन में सल्फ्यूरिक एसिड की समस्या का समाधान, और नई वायर रॉड मिल का प्रदर्शन अहम होगा। साथ ही, सालाना ₹2,000 करोड़ से ज्यादा की कॉस्ट सेविंग्स और Net Debt/EBITDA रेश्यो को 1.5x से नीचे रखना भी कंपनी के लिए बड़ी कसौटी होगी।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.