Lloyds Enterprises Share Price: शेयरधारकों की बैठक! **₹3000 Cr** बरोइंग और **₹1000 Cr** के बड़े सौदे पर वोटिंग!

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AuthorAditya Rao|Published at:
Lloyds Enterprises Share Price: शेयरधारकों की बैठक! **₹3000 Cr** बरोइंग और **₹1000 Cr** के बड़े सौदे पर वोटिंग!
Overview

Lloyds Enterprises Limited अपने शेयरधारकों से बड़े वित्तीय फैसलों के लिए मंजूरी लेने की तैयारी कर रही है। कंपनी **₹3,000 करोड़** तक उधार लेने की सीमा बढ़ाने और **₹1,000 करोड़** के एक बड़े रिलेटेड पार्टी ट्रांजेक्शन (Related Party Transaction) को मंजूरी दिलाने के लिए पोस्टल बैलेट (Postal Ballot) का सहारा ले रही है।

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शेयरधारकों से क्यों मांगी जा रही है मंजूरी?

कंपनी ने 17 अप्रैल से 16 मई, 2026 तक चलने वाले पोस्टल बैलेट के जरिए शेयरधारकों से कई अहम प्रस्तावों पर वोट करने का आग्रह किया है। इन प्रस्तावों में सबसे प्रमुख है कंपनी की बरोइंग लिमिट (Borrowing Limit) को ₹3,000 करोड़ तक बढ़ाना। इसके साथ ही, कंपनी ₹5,000 करोड़ तक के लोन, इंटर-कॉर्पोरेट डिपॉजिट और गारंटी देने की अपनी शक्तियों का विस्तार भी चाहती है।

एक और महत्वपूर्ण एजेंडा Geomysore Services India Pvt Ltd (GMSI) के साथ ₹1,000 करोड़ के एक मटेरियल रिलेटेड पार्टी ट्रांजेक्शन (Material Related Party Transaction) को मंजूरी दिलाना है। GMSI का पिछला फाइनेंशियल ईयर (FY24-25) का टर्नओवर ₹1,488.28 करोड़ रहा था। कंपनी का कहना है कि यह कदम भविष्य में ग्रोथ, अधिग्रहण (acquisitions) या रणनीतिक निवेश (strategic investments) के लिए फंड जुटाने में मदद करेगा।

क्या हैं कंपनी की चिंताएं?

इन बड़े वित्तीय फैसलों के बावजूद, कंपनी की हालिया वित्तीय स्थिति थोड़ी चिंताजनक है। दिसंबर 2025 को समाप्त हुई तिमाही में, Lloyds Enterprises ने ₹7.44 करोड़ का नेट लॉस (Net Loss) दर्ज किया। वहीं, ब्याज खर्चों (interest expenses) में 190.3% की भारी बढ़ोतरी देखी गई है। पिछले तीन सालों में कंपनी के प्रॉफिट ग्रोथ में भी नरमी देखी गई है। 10 अप्रैल, 2026 को स्टॉक में असामान्य ट्रेडिंग वॉल्यूम (unusual trading volume) के बाद एक्सचेंज ने कंपनी से स्पष्टीकरण मांगा था, जिस पर कंपनी ने कहा था कि कोई भी महत्वपूर्ण जानकारी छुपाई नहीं गई है।

कंपनी की पृष्ठभूमि और भविष्य की राह

Lloyds Enterprises Limited पहले भी रीस्ट्रक्चरिंग (restructuring), अधिग्रहण और राइट्स इश्यू (rights issue) जैसे कदम उठा चुकी है। कंपनी की सहायक कंपनियों में Lloyds Engineering Works Ltd और Lloyds Realty Developers Ltd शामिल हैं। कंपनी की पॉलिसी के अनुसार, ₹1,000 करोड़ या वार्षिक कंसोलिडेटेड टर्नओवर का 10% (जो भी कम हो) से अधिक का ट्रांजेक्शन मटेरियल रिलेटेड पार्टी ट्रांजेक्शन माना जाता है।

निवेशकों को क्या देखना होगा?

अगर शेयरधारक इन प्रस्तावों को मंजूरी दे देते हैं, तो कंपनी के पास भविष्य की पूंजीगत जरूरतों के लिए काफी वित्तीय ताकत आ जाएगी। निवेशक अब पोस्टल बैलेट के नतीजों का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि कंपनी अपनी बढ़ी हुई बरोइंग और लेंडिंग शक्तियों का इस्तेमाल कैसे करती है और क्या वह भविष्य में बेहतर लाभप्रदता (profitability) हासिल कर पाती है। Geomysore Services India Pvt Ltd के साथ होने वाले ₹1,000 करोड़ के ट्रांजेक्शन से जुड़ी आगे की डिटेल्स पर भी नजर रखनी होगी।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.