Lloyds Engineering Works: बोर्ड में 3 नए डायरेक्टर्स की एंट्री, राइट्स इश्यू फंड्स के इस्तेमाल को मिली हरी झंडी!

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AuthorAditya Rao|Published at:
Lloyds Engineering Works: बोर्ड में 3 नए डायरेक्टर्स की एंट्री, राइट्स इश्यू फंड्स के इस्तेमाल को मिली हरी झंडी!
Overview

Lloyds Engineering Works Limited ने **27 मार्च, 2026** को अपनी एक्स्ट्रा ऑर्डिनरी जनरल मीटिंग (EGM) आयोजित की। शेयरधारकों ने **श्री विनय कुमार त्रिपाठी** और **श्री अपूर्वा चंद्रा** को इंडिपेंडेंट डायरेक्टर्स के तौर पर नियुक्त करने के साथ ही **श्री बालासुब्रमण्यम प्रभाकरण** को नॉन-एग्जीक्यूटिव नॉन-इंडिपेंडेंट डायरेक्टर बनाने को मंजूरी दे दी। मीटिंग में कंपनी के हालिया राइट्स इश्यू (Rights Issue) से जुटाए गए फंड्स के इस्तेमाल की योजना को भी हरी झंडी मिल गई।

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नए डायरेक्टर्स का बोर्ड में स्वागत

Lloyds Engineering Works Limited द्वारा 27 मार्च, 2026 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित की गई एक्स्ट्रा ऑर्डिनरी जनरल मीटिंग (EGM) में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर शेयरधारकों ने मुहर लगाई। इस मीटिंग में श्री विनय कुमार त्रिपाठी और श्री अपूर्वा चंद्रा को इंडिपेंडेंट डायरेक्टर्स (Independent Directors) के रूप में बोर्ड में शामिल किया गया। दोनों का कार्यकाल 30 सितंबर, 2030 तक रहेगा। इसके अतिरिक्त, श्री बालासुब्रमण्यम प्रभाकरण को नॉन-एग्जीक्यूटिव नॉन-इंडिपेंडेंट डायरेक्टर (Non-Executive Non-Independent Director) के पद पर नियुक्त किया गया है, जिनका कार्यकाल भी 30 सितंबर, 2030 तक निर्धारित है। इन नियुक्तियों से कंपनी के बोर्ड की विशेषज्ञता और दिशा-निर्देशन को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।

राइट्स इश्यू फंड्स के इस्तेमाल को मिली हरी झंडी

शेयरधारकों ने कंपनी की वित्तीय रणनीति के तहत, हाल ही में संपन्न हुए राइट्स इश्यू (Rights Issue) से जुटाए गए फंड्स के प्रस्तावित उपयोग को भी मंजूरी दे दी है। इस निर्णय से निवेशकों को यह स्पष्ट हो गया है कि कंपनी जुटाई गई पूंजी का किस तरह इस्तेमाल करने की योजना बना रही है।

कंपनी की पृष्ठभूमि और पिछली चालें

Lloyds Engineering Works, जो भारी उपकरण (Heavy Equipment) बनाने वाली एक प्रमुख कंपनी है, ने 5 जून, 2025 को बंद हुए राइट्स इश्यू के माध्यम से लगभग ₹493.62 करोड़ की धनराशि जुटाई थी। कंपनी की 31 दिसंबर, 2025 को समाप्त तिमाही के वित्तीय नतीजों के अनुसार, इन फंड्स के नियोजित उपयोग में कोई बड़ा बदलाव नहीं देखा गया। इससे पहले, 1 अप्रैल, 2025 से प्रभावी रूप से, कंपनी ने अपने ग्रुप की तीन एंटिटीज़ – Lloyds Infrastructure & Construction Limited, Metalfab Hightech Private Limited, और Techno Industries – का Lloyds Engineering Works Limited में विलय भी सफलतापूर्वक पूरा किया था। पिछले साल अगस्त 2025 में, श्रीमती अलका उपाध्याय और श्री अशोक टंडन को भी इंडिपेंडेंट डायरेक्टर्स के तौर पर नियुक्त किया गया था।

जोखिम कारक और प्रतिस्पर्धी

हालांकि, कंपनी की फाइलिंग में इन नई नियुक्तियों या फंड के उपयोग से संबंधित विशेष जोखिम (Risk Factors) विस्तार से नहीं बताए गए हैं, लेकिन आमतौर पर प्रमोटरों से जुड़े संभावित टैक्स विवादों और मुकदमेबाजी जैसे मुद्दों का उल्लेख फाइलिंग्स में हो सकता है। Lloyds Engineering Works कैपिटल गुड्स (Capital Goods) और हैवी इंजीनियरिंग सेक्टर (Heavy Engineering Sector) में सक्रिय है। इस क्षेत्र में इसके मुख्य प्रतिस्पर्धियों में Dynamatic Technologies Ltd., Praj Industries Ltd., और ISGEC Heavy Engineering Ltd. जैसी कंपनियां शामिल हैं।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.