राइट्स इश्यू को मिली मंजूरी
Lexora Global Limited अपनी पूंजी जुटाने की योजनाओं पर तेज़ी से आगे बढ़ रही है। कंपनी की राइट्स इश्यू कमेटी ने 6 अप्रैल, 2026 को एक अहम बैठक में आगामी राइट्स इश्यू के लिए ड्राफ्ट ऑफर डॉक्यूमेंट (DLOF) को मंजूरी दे दी है। यह मंजूरी कंपनी को इस दस्तावेज़ को BSE Limited में जमा करने और अपनी विस्तार योजनाओं के लिए ज़रूरी फंड जुटाने में सक्षम बनाएगी।
₹50 करोड़ जुटाने की योजना
कंपनी इस राइट्स इश्यू के ज़रिए ₹50 करोड़ तक की राशि जुटाना चाहती है। इस फंडरेज़िंग के साथ-साथ, Lexora Global अपने ऑथोराइज्ड शेयर कैपिटल (authorised share capital) को भी ₹10 करोड़ से बढ़ाकर ₹40 करोड़ करने की तैयारी में है। यह कदम कंपनी के रणनीतिक विस्तार पहलों के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
रीब्रांडिंग और एनर्जी सेक्टर में पैठ
यह ध्यान देने योग्य है कि Lexora Global Limited, जो पहले Yash Trading & Finance Ltd के नाम से जानी जाती थी, ने 1 अप्रैल, 2026 से अपना नया नाम अपनाया है। यह बदलाव कंपनी के एनर्जी और पावर जनरेशन सेक्टर की ओर एक बड़े रणनीतिक बदलाव (strategic pivot) का संकेत देता है।
शेयरधारकों की मंजूरी पर टिकी नज़रें
4 अप्रैल, 2026 को कंपनी के बोर्ड ने कई बड़े फैसले लिए थे, जिसमें ₹50 करोड़ का राइट्स इश्यू, शेयर कैपिटल में वृद्धि और शेयर बाज़ार में लिक्विडिटी (liquidity) बढ़ाने के उद्देश्य से 10-फॉर-1 स्टॉक स्प्लिट (stock split) शामिल हैं। कंपनी संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में एक पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी (wholly-owned subsidiary) स्थापित करने और अपना कॉर्पोरेट ऑफिस राजकोट में स्थानांतरित करने की भी योजना बना रही है। इन सभी प्रमुख प्रस्तावों पर शेयरधारकों की अंतिम मंजूरी 2 मई, 2026 को होने वाली असाधारण आम बैठक (EGM) में ली जाएगी।
जोखिम और भविष्य का अनुमान
बाजार सूत्रों के अनुसार, Lexora Global की गुणवत्ता को लेकर कुछ सवाल उठ रहे हैं। कुछ विश्लेषणों में कंपनी के वैल्यूएशन (valuation) को अधिक और उसके प्राइस ट्रेंड (price trend) को कमजोर बताया गया है। राइट्स इश्यू की सफलता काफी हद तक बाज़ार के सेंटिमेंट (market sentiment) और एनर्जी सेक्टर में कंपनी की भविष्य की योजनाओं में निवेशकों की रुचि पर निर्भर करेगी। एनर्जी सेक्टर में कंपनी का सफल परिवर्तन भविष्य के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।
निवेशकों के लिए खास
निवेशकों को 2 मई, 2026 को होने वाली EGM में शेयरधारकों के फैसले, BSE के साथ ऑफर डॉक्यूमेंट की औपचारिक फाइलिंग और राइट्स इश्यू की विस्तृत शर्तों व तारीखों की घोषणा पर बारीकी से नज़र रखनी चाहिए। कंपनी की रीब्रांडिंग, एनर्जी सेक्टर में रणनीतिक बदलाव और UAE में सहायक कंपनी की स्थापना से जुड़े घटनाक्रम भी कंपनी के भविष्य की दिशा तय करेंगे।
