Leela Palaces Hotels & Resorts के लिए 31 मार्च 2026 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर (FY26) के नतीजे बेहद उत्साहजनक रहे हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट पिछले साल के ₹47.66 करोड़ के मुकाबले लगभग 745% की छलांग लगाकर ₹403.03 करोड़ दर्ज किया गया। वहीं, 31 मार्च 2026 को समाप्त हुई चौथी तिमाही (Q4 FY26) में कंपनी ने ₹492.15 करोड़ की कुल आय पर ₹171.72 करोड़ का शुद्ध लाभ कमाया। पूरे साल की कुल आय में भी 13.59% की अच्छी बढ़त देखी गई, जो ₹1,597.78 करोड़ रही।
इस भारी प्रॉफिट जंप के पीछे मुख्य कारण IPO से जुटाए गए ₹2,300 करोड़ का इस्तेमाल रहा, जिससे कंपनी ने अपना नॉन-करंट बोरिंग्स (non-current borrowings) ₹3,585.74 करोड़ से घटाकर ₹1,315.34 करोड़ कर लिया है। इस बड़े कर्ज कटौती के दम पर कंपनी अब डेट-फ्री (debt-free) होने की राह पर है। इस कदम से कंपनी की फाइनेंस कॉस्ट (finance cost) में भारी कमी आई है, जिसका सीधा फायदा नेट प्रॉफिट के रूप में देखा गया है।
Leela Palaces Hotels & Resorts, भारत के प्रीमियम लक्ज़री हॉस्पिटैलिटी सेक्टर का एक जाना-माना नाम है। कंपनी ने मई-जून 2025 में ₹3,500 करोड़ का IPO जारी किया था, जिसका एक प्रमुख उद्देश्य कंपनी पर चढ़े कर्ज को चुकाना था। Leela ब्रांड अपनी विश्वस्तरीय लक्ज़री सेवाओं के लिए पूरी दुनिया में पहचान रखता है और साल 2020 व 2021 में इसे Travel + Leisure मैगज़ीन द्वारा दुनिया का सर्वश्रेष्ठ होटल ब्रांड भी चुना गया था।
FY26 के नतीजों में कंपनी ने लेबर कोड रीस्ट्रक्चरिंग (labor code restructuring) से जुड़े ₹64 करोड़ के कुछ ख़ास खर्च (exceptional expenses) भी दर्ज किए हैं। सबसे अहम बात यह है कि कंपनी के ऑडिटर (auditors) ने इन वित्तीय नतीजों पर अनमोडिफाइड ओपिनियन (unmodified opinion) यानी बिना किसी आपत्ति के अपनी रिपोर्ट दी है।
भारत के लक्ज़री होटल बाज़ार में Leela Palaces का सीधा मुकाबला Indian Hotels Company Ltd (IHCL) (जो Taj ब्रांड को मैनेज करती है) और EIH Ltd (Oberoi और Trident होटलों की ऑपरेटर) जैसी बड़ी कंपनियों से है। FY26 में IHCL ने करीब ₹8,335 करोड़ की सेल्स दर्ज की, EIH Ltd ने ₹2,743 करोड़ और Chalet Hotels Ltd ने लगभग ₹1,718 करोड़ की। ₹1,597.78 करोड़ की आय के साथ, Leela Palaces का यह प्रॉफिट जंप और कर्ज में कमी इसे इस प्रतिस्पर्धी माहौल में एक मज़बूत रिकवरी स्टोरी बनाने में मदद करती है। आगे निवेशक कंपनी के रेवेन्यू ग्रोथ, फाइनेंस कॉस्ट में और कमी आने की उम्मीद और भविष्य में विस्तार योजनाओं पर अपनी नज़रें बनाए रखेंगे।
