IPO फंड का कितना हुआ इस्तेमाल?
ICRA, जिसे फंड के उपयोग की निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी गई है, उसने 31 मार्च 2026 को समाप्त तिमाही के लिए अपनी रिपोर्ट जारी की है। इस रिपोर्ट से पता चलता है कि Laxmi Dental ने अपने IPO नेट प्रोसीड्स (Net Proceeds) में से ₹83.33 करोड़ का उपयोग किया है। कंपनी ने कुल ₹698.058 करोड़ का IPO जुटाया था, जिसमें से ₹128.17 करोड़ नेट प्रोसीड्स थे। अभी ₹54.67 करोड़ का फंड इस्तेमाल होना बाकी है।
देरी का क्या है मामला?
हालांकि फंड का बड़ा हिस्सा योजना के मुताबिक खर्च हो रहा है, ICRA ने कुछ प्रोजेक्ट्स में मामूली देरी को लेकर चिंता जताई है। नई मशीनरी की खरीद में 12 महीने तक का विलंब हो सकता है। इसी तरह, सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों (General Corporate Purposes) के लिए इस्तेमाल होने वाले फंड के कार्यान्वयन में भी लगभग 9 महीने की देरी का अनुमान है। इन प्रोजेक्ट्स के अब आने वाले फाइनेंशियल इयर्स में पूरा होने की उम्मीद है। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि चौथी तिमाही (Q4 FY26) के कुछ कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capital Expenditure) आंतरिक आय (Internal Accruals) से पूरे किए गए हैं, जिस पर ध्यान देने की ज़रूरत है।
IPO के पीछे की कहानी
Laxmi Dental ने जनवरी 2025 में अपना IPO लॉन्च किया था, जिसके जरिए ₹698.058 करोड़ जुटाए थे। इस पैसे का इस्तेमाल नया मैन्युफैक्चरिंग प्लांट लगाने, मशीनरी खरीदने और अन्य कॉर्पोरेट ज़रूरतों को पूरा करने के लिए किया जाना था। यह ICRA रिपोर्ट कंपनी के IPO के बाद फंड के शुरुआती उपयोग का लेखा-जोखा पेश करती है।
निवेशकों को क्या देखना चाहिए?
निवेशक अब इस बात पर नज़र रखेंगे कि कंपनी इन देरी को कितनी जल्दी दूर करती है और प्रोजेक्ट्स को समय पर कैसे पूरा करती है। ICRA बाकी बचे IPO फंड के उपयोग पर भी नजर रखेगी। कंपनी के कैश फ्लो मैनेजमेंट पर भी खास ध्यान दिया जाएगा, खासकर तब जब कुछ खर्चों के लिए आंतरिक आय का इस्तेमाल हुआ है। वेंडर फाइनल करने और उपकरणों की खरीद से जुड़े अपडेट्स का भी इंतज़ार रहेगा।
