L&T के FY26 नतीजे: रेवेन्यू ₹2.8 लाख करोड़ पार, मुनाफा 18% उछला
कंपनी के मैनेजमेंट ने आज स्टॉक एक्सचेंज को दी गई जानकारी में बताया है कि वित्त वर्ष 2026 (31 मार्च 2026 को समाप्त) के लिए कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 12% बढ़कर ₹285,874 करोड़ दर्ज किया गया है। वहीं, रिकरिंग प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) में 18% की शानदार बढ़ोतरी हुई और यह ₹17,238 करोड़ पर पहुंच गया।
रिकॉर्ड ऑर्डर बुक और डिविडेंड
FY26 के लिए ग्रुप के ऑर्डर इनफ्लो (New Orders) में 22% का इजाफा देखने को मिला, जो ₹435,590 करोड़ रहा। इसके दम पर कंपनी की कंसोलिडेटेड ऑर्डर बुक ₹740,327 करोड़ के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई, जो पिछले साल से 28% ज्यादा है। कंपनी के बोर्ड ने शेयरधारकों को ₹38 प्रति इक्विटी शेयर के फाइनल डिविडेंड की सिफारिश की है।
मैनेजमेंट में बदलाव और स्ट्रैटेजिक फोकस
वित्तीय नतीजों के साथ-साथ, कंपनी ने कुछ अहम मैनेजमेंट बदलावों की भी घोषणा की है। 1 जुलाई 2026 से श्री पी. रामकृष्नन को नया चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर (CFO) नियुक्त किया गया है। वहीं, श्री आर. शंकर रमन 1 अक्टूबर 2026 से दो साल के लिए प्रेसिडेंट और होल-टाइम डायरेक्टर - फाइनेंस का पद संभालेंगे।
इसके अलावा, कंपनी ने अपनी स्ट्रैटेजिक डिवेस्टमेंट (गैर-जरूरी संपत्तियों की बिक्री) योजनाओं पर भी प्रगति दिखाई है। नाभा पावर लिमिटेड और L&T मेट्रो रेल (हैदराबाद) लिमिटेड के सौदों के 30 जून 2026 तक पूरा होने की उम्मीद है। यह L&T की अपने 'कंसंशन' पोर्टफोलियो से बाहर निकलने की रणनीति का हिस्सा है।
निवेशकों के लिए क्यों है यह अहम?
ये नतीजे L&T की मजबूत एग्जीक्यूशन क्षमता और भारत के विकास में उसकी महत्वपूर्ण भूमिका को दर्शाते हैं। रेवेन्यू और प्रॉफिट में जबरदस्त वृद्धि, साथ ही रिकॉर्ड ऑर्डर बुक, इंफ्रास्ट्रक्चर, हाइड्रोकार्बन, डिफेंस और अन्य क्षेत्रों में सेवाओं की मजबूत मांग का संकेत देती है।
बढ़ाया गया डिविडेंड भविष्य की कमाई में विश्वास और शेयरधारकों को बेहतर रिटर्न देने की कंपनी की प्रतिबद्धता को दिखाता है। वहीं, डिवेस्टमेंट पर प्रगति पोर्टफोलियो प्रबंधन के प्रति L&T के अनुशासित दृष्टिकोण को उजागर करती है, ताकि कंपनी AI, डिजिटल टेक्नोलॉजी, डेटा सेंटर और ग्रीन एनर्जी जैसे भविष्य के क्षेत्रों में निवेश कर सके।
