Larsen & Toubro (L&T) ने JSW Steel के साथ अपने लंबे समय से चले आ रहे रिश्ते को और मजबूत करते हुए, स्टील सेक्टर में अब तक का अपना सबसे बड़ा डोमेस्टिक ऑर्डर हासिल किया है। यह 'मेगा' क्लासिफाइड कॉन्ट्रैक्ट ₹10,000 से ₹15,000 करोड़ के बीच का है।
इस डील के तहत L&T, JSW Steel के बल्लारी और पारादीप स्थित प्रमुख विस्तार प्रोजेक्ट्स के लिए मुख्य प्रोसेस फैसिलिटीज हेतु ईपीसी (EPC) सेवाएं प्रदान करेगा। यह जीत L&T के मिनरल्स एंड मेटल्स (Minerals & Metals) बिजनेस के लिए एक बड़ा मील का पत्थर है। यह बड़े इंडस्ट्रियल प्रोजेक्ट्स के लिए कंपनी की गहरी इंजीनियरिंग और प्रोजेक्ट एग्जीक्यूशन (Project Execution) क्षमताओं को दर्शाता है। यह ऑर्डर भारत की तेजी से बढ़ती स्टील प्रोडक्शन क्षमता को बढ़ाने में L&T की अहम भूमिका को दर्शाता है और JSW Steel के साथ उसके मजबूत रिश्ते को और पुख्ता करता है।
L&T के मजबूत ऑर्डर बुक में यह बड़ी बढ़ोतरी है, जो 31 मार्च 2026 तक ₹7,40,327 करोड़ के रिकॉर्ड स्तर पर थी। फाइनेंशियल ईयर 2026 के लिए मिनरल्स एंड मेटल्स सेगमेंट ने ₹14,109 करोड़ का कस्टमर रेवेन्यू जेनरेट किया, जो पिछले साल की तुलना में 46% की शानदार बढ़त है।
JSW Steel के लिए, यह उसके महत्वाकांक्षी विस्तार लक्ष्यों को हासिल करने की दिशा में एक अहम कदम है। कंपनी का लक्ष्य FY31 तक अपनी प्रोडक्शन कैपेसिटी को मौजूदा 35 MTPA से बढ़ाकर 50 MTPA करना है।
हालांकि, L&T को प्रोजेक्ट को बजट और समय सीमा के भीतर पूरा करने, और कच्चे माल की कीमतों या ग्लोबल सप्लाई चेन में संभावित उतार-चढ़ाव के बीच बेहतर मार्जिन हासिल करने जैसी एग्जीक्यूशन रिस्क (Execution Risks) का सामना करना पड़ सकता है। L&T बड़े ईपीसी (EPC) प्रोजेक्ट्स में एक बड़ी कंपनी है, लेकिन यह इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में Siemens, NCC, और KEC International जैसी कंपनियों से भी प्रतिस्पर्धा करती है। L&T ने हाल ही में October 2025 में Hindalco और Tata Steel से ₹2,500-₹5,000 करोड़ रेंज के ऑर्डर भी हासिल किए थे, जो बड़ी डील जीतने की उसकी लगातार क्षमता को दर्शाते हैं।
निवेशक L&T के प्रोजेक्ट एग्जीक्यूशन और मार्जिन परफॉरमेंस पर बारीकी से नजर रखेंगे। JSW Steel की कैपेसिटी विस्तार की समय-सीमा का पालन और मेटल सेक्टर में L&T की भविष्य की ऑर्डर विन भी देखने लायक प्रमुख इंडिकेटर्स होंगे।
