SEBI (सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया) के नियमों का पालन करते हुए, LINC Limited ने यह कदम उठाया है। इस 'ट्रेडिंग विंडो क्लोजर' का मुख्य मकसद इनसाइडर ट्रेडिंग को रोकना है।
क्यों बंद की गई ट्रेडिंग विंडो?
SEBI के रेगुलेशन यह सुनिश्चित करते हैं कि कंपनी की अनपब्लिश्ड प्राइस-सेंसिटिव इन्फॉर्मेशन (unpublished price-sensitive information) सार्वजनिक होने से पहले किसी भी 'डेजिग्नेटेड पर्सन' (designated person) को कंपनी के शेयर्स की खरीद-बिक्री करने की अनुमति न हो। यह सभी निवेशकों के लिए एक समान मौका सुनिश्चित करता है।
कब खुलेगी विंडो?
LINC Limited की ट्रेडिंग विंडो 1 अप्रैल, 2026 से शुरू होकर, कंपनी द्वारा अपने चौथे क्वार्टर (Q4) और पूरे फाइनेंशियल ईयर 2026 के नतीजों की घोषणा के 48 घंटे बाद फिर से खुलेगी।
कौन प्रभावित होंगे?
इस क्लोजर पीरियड के दौरान, डायरेक्टर्स और ऐसे कर्मचारी जिनके पास कंपनी की गोपनीय जानकारी तक पहुंच है, वे LINC Limited के शेयर्स खरीद या बेच नहीं सकेंगे।
कंपनी का व्यवसाय
कोलकाता हेडक्वार्टर वाली LINC Limited, जो 1976 में स्थापित हुई थी, राइटिंग इंस्ट्रूमेंट्स और स्टेशनरी की एक प्रमुख भारतीय निर्माता है। कंपनी पेन और स्टेशनरी आइटम सहित कई तरह के प्रोडक्ट्स पेश करती है।
कॉम्पिटिशन
यह कंपनी Kokuyo Camlin Ltd., Flair Writing Industries Ltd., DOMS Industries Ltd., और Sundaram Multi Pap Ltd. जैसे अन्य बड़े खिलाड़ियों के साथ एक कम्पेटिटिव मार्केट में काम करती है।