कंप्लायंस के साथ बढ़ी चिंताएं
कंपनी के रजिस्ट्रार और शेयर ट्रांसफर एजेंट, Cameo Corporate Services ने 6 अप्रैल, 2026 को जमा किए गए इस फाइलिंग को सत्यापित किया है। यह पुष्टि करता है कि LGB Forge ने सिक्योरिटीज के डिमटेरियलाइजेशन (dematerialization) से संबंधित SEBI (डिपॉजिटरी और पार्टिसिपेंट्स) रेगुलेशन, 2018 का पालन किया है।
नियामक अनुपालन (Regulatory compliance) निवेशकों का भरोसा बनाए रखने और सिक्योरिटीज मार्केट के सुचारू संचालन के लिए महत्वपूर्ण है। यह सबमिशन शेयरहोल्डर्स को आश्वस्त करता है कि LGB Forge अपने शेयरों के प्रबंधन और डिमटेरियलाइजेशन संबंधी दायित्वों को पूरा कर रही है।
वित्तीय चुनौतियों के बीच फाइलिंग
हालांकि, यह कंप्लायंस फाइलिंग ऐसे समय में आई है जब LGB Forge गंभीर वित्तीय चुनौतियों से जूझ रही है। 2008 में L.G. Balakrishnan & Bros Limited से डीमर्ज हुई यह कंपनी ऑटोमोटिव और नॉन-ऑटोमोटिव सेक्टर्स के लिए फोर्ज्ड और मशीन्ड कंपोनेंट्स बनाती है। लेकिन, कंपनी को लगातार नुकसान उठाना पड़ रहा है। फाइनेंशियल ईयर 2025-26 (FY26) की तीसरी तिमाही (Q3) में, LGB Forge ने ₹23.85 करोड़ के रेवेन्यू पर ₹1.86 करोड़ का नेट लॉस दर्ज किया।
इसके अलावा, ICRA ने कंपनी के कमजोर प्रदर्शन के कारण इसके लॉन्ग-टर्म रेटिंग आउटलुक को 'Negative' कर दिया है। हाल ही में, कंपनी ने ₹12 करोड़ की नॉन-कोर एसेट्स बेची हैं, जो FY25 के टर्नओवर का लगभग 12.76% था।
NSE से डेलिस्टिंग और आगे की राह
वित्तीय दबावों के बीच, कंपनी नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) से अपनी मर्जी से डेलिस्ट (voluntary delisting) होने की प्रक्रिया में भी है। NSE पर ट्रेडिंग 30 जुलाई, 2024 से निलंबित हो जाएगी।
निवेशक LGB Forge की लगातार वित्तीय दिक्कतों, Q3 FY26 के नेट लॉस और ICRA के 'Negative' रेटिंग आउटलुक पर कड़ी नजर रखे हुए हैं। कंपनी को पहले भी स्टॉक एक्सचेंजों से प्राइस मूवमेंट को लेकर जांच का सामना करना पड़ा है। प्रमोटर ट्रस्ट को नॉन-कोर एसेट्स की हालिया बिक्री जैसे रिलेटेड पार्टी ट्रांजैक्शन्स (related party transactions) पर भी बारीकी से नजर रखने की जरूरत है। NSE से डेलिस्टिंग के बाद इसके इक्विटी शेयरों के लिए एक ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म भी खत्म हो जाएगा।
आगे चलकर, निवेशक भविष्य की कंप्लायंस फाइलिंग्स और कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन पर ध्यान केंद्रित करेंगे, खासकर उसकी लाभप्रदता हासिल करने की क्षमता पर। NSE डेलिस्टिंग और एसेट मैनेजमेंट या रिलेटेड-पार्टी ट्रांजैक्शन्स से जुड़े किसी भी अन्य कॉर्पोरेट एक्शन के घटनाक्रम भी महत्वपूर्ण रहेंगे।
