LG India का हरित ऊर्जा की ओर बड़ा कदम
LG Electronics India (LGE India) अपनी ग्रेटर नोएडा और पुणे की प्रोडक्शन यूनिट्स के लिए अगले 25 साल तक ग्रीन एनर्जी का इस्तेमाल करेगी। कंपनी ने दो रिन्यूएबल एनर्जी कंपनियों - Hinduja Renewables Energy Private Limited (HREPL) और Sunsure Energy के साथ लंबे समय के पावर परचेज एग्रीमेंट (PPAs) पर हस्ताक्षर किए हैं। इन डील्स के ज़रिए सालाना 3.2 करोड़ यूनिट से ज़्यादा क्लीन इलेक्ट्रिसिटी जेनरेट होगी, जो कंपनी के सस्टेनेबिलिटी लक्ष्यों (Sustainability Goals) को बड़ा बूस्ट देगी।
क्या हैं ये खास एग्रीमेंट?
LGE India ने ये महत्वपूर्ण सोलर पावर परचेज एग्रीमेंट (PPAs) दो प्रमुख रिन्यूएबल एनर्जी प्रोवाइडर्स के साथ किए हैं: Hinduja Renewables Energy Private Limited (HREPL) और Sunsure Energy।
ये एग्रीमेंट 2026 की दूसरी तिमाही (Q2 CY2026) से लागू होंगे और इनकी अवधि 25 साल रहेगी। ये LGE India की ग्रेटर नोएडा और पुणे स्थित मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स को रिन्यूएबल एनर्जी सप्लाई करेंगे।
HREPL के साथ हुए एग्रीमेंट के तहत पुणे प्लांट के लिए 9.80 MWp की कैपेसिटी (Capacity) वाली सोलर पावर प्लांट लगाई जाएगी, जो सालाना करीब 1.61 करोड़ यूनिट बिजली पैदा करेगी। वहीं, Sunsure Energy ग्रेटर नोएडा फैसिलिटी के लिए 11 MWp की कैपेसिटी सप्लाई करेगी, जिससे हर साल लगभग 1.6 करोड़ यूनिट बिजली का उत्पादन होगा।
यह कदम LGE India का किसी इंडियन पावर जनरेशन कंपनी (SPV) में पहला इक्विटी इन्वेस्टमेंट है। इस प्रोजेक्ट के पूरे लाइफटाइम में करीब 0.61 मिलियन मीट्रिक टन CO2e (कार्बन डाइऑक्साइड इक्विवेलेंट) का उत्सर्जन कम होने का अनुमान है।
इस डील का महत्व
यह कदम LGE India के सस्टेनेबल मैन्युफैक्चरिंग प्रैक्टिसेज (Sustainable Manufacturing Practices) और क्लीन एनर्जी अपनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। यह LG के ग्लोबल एनवायरमेंटल स्टीवर्डशिप (Environmental Stewardship) के कमिटमेंट के अनुरूप है।
यह भारत के 2070 तक नेट-जीरो एमिशन (Net-Zero Emission) के राष्ट्रीय लक्ष्य को पाने में भी मदद करेगा और कंपनी के कार्बन फुटप्रिंट (Carbon Footprint) को कम करने के प्रयासों को भी मज़बूती देगा।
ये एग्रीमेंट LGE India के एनर्जी कॉस्ट (Energy Cost) को मैनेज करने और ग्रीन पावर की स्टेबल सप्लाई सुनिश्चित करने की कंपनी की सक्रिय अप्रोच को दिखाते हैं, जो बड़े पैमाने पर मैन्युफैक्चरिंग ऑपरेशंस के लिए बहुत ज़रूरी है।
ग्लोबल प्लान्स और इंडियन टारगेट्स
LG Electronics ने ग्लोबली 2023 में RE100 इनिशिएटिव जॉइन किया था। कंपनी ने वादा किया है कि वह 2050 तक अपने सभी बिजनेस साइट्स पर 100% रिन्यूएबल इलेक्ट्रिसिटी का इस्तेमाल करेगी। इसके लिए इंटरिम टारगेट्स भी तय किए गए हैं: 2030 तक 60% और 2040 तक 90% रिन्यूएबल एनर्जी का इस्तेमाल करना।
इस ग्लोबल स्ट्रैटेजी के तहत, LG पहले से ही अलग-अलग कदम उठा रही है, जिसमें साइट पर सोलर इंस्टॉलेशन और PPAs शामिल हैं। भारत में, LG ने पहले भी अपने ग्रेटर नोएडा ऑफिस की रूफटॉप पर सोलर पैनल लगाए हैं।
भारत भी रिन्यूएबल एनर्जी के विस्तार पर तेज़ी से काम कर रहा है, ताकि जीवाश्म ईंधनों पर अपनी निर्भरता कम की जा सके और अपने क्लाइमेट टारगेट्स को पूरा किया जा सके, जिसमें 2070 तक नेट-जीरो का लक्ष्य भी शामिल है।
ऑपरेशनल असर
- एनर्जी ट्रांज़िशन: LGE India के मैन्युफैक्चरिंग ऑपरेशंस अब ज़्यादातर सोलर एनर्जी पर निर्भर करेंगे, जिससे पारंपरिक पावर सोर्स पर निर्भरता कम होगी।
- कार्बन फुटप्रिंट में कमी: कंपनी अपने स्कोप 2 एमिशन्स (Scope 2 Emissions) को काफी हद तक घटाएगी, जो उसके सस्टेनेबिलिटी गोल्स में योगदान देगा।
- फाइनेंशियल स्ट्रक्चर: LGE India एक इंडियन पावर जनरेशन SPV में अपना पहला स्ट्रैटेजिक इक्विटी इन्वेस्टमेंट कर रही है, जिससे एनर्जी प्रोक्योरमेंट के नए फाइनेंशियल मॉडल खुल सकते हैं।
- ऑपरेशनल स्टेबिलिटी: इलेक्ट्रिसिटी की लॉन्ग-टर्म सप्लाई सुरक्षित होगी, जिससे मैन्युफैक्चरिंग साइट्स के लिए एनर्जी प्राइस वोलेटिलिटी (Energy Price Volatility) का रिस्क कम होगा।
ध्यान देने योग्य रिस्क (Risks to Watch)
LG Electronics India को हाल ही में कुछ टैक्स और कस्टम्स से जुड़े डिस्प्यूट्स का सामना करना पड़ा है। जनवरी 2026 में, मुंबई कस्टम्स ने डिजिटल सिग्नेज इम्पोर्ट्स पर ड्यूटी एग्ज़ेम्पशन के कथित दुरुपयोग के संबंध में डिफरेंशियल ड्यूटी के ₹27.40 करोड़ और पेनाल्टी के ₹46.70 करोड़ की मांग को लेकर एक ऑर्डर जारी किया था। इसके अलावा, मार्च 2026 में, कंपनी को FY 2019-20 के लिए इनपुट टैक्स क्रेडिट क्लेम्स से संबंधित ₹7.98 करोड़ का GST डिमांड नोटिस मिला। साथ ही, FY 2022-23 के लिए इनकम टैक्स असेसमेंट का एक ड्राफ्ट ऑर्डर आया है, जिसमें ट्रांसफर प्राइसिंग एडजस्टमेंट्स सहित ₹572.8 करोड़ की डिसअलॉएंसेज (Disallowances) का प्रस्ताव है।
हालांकि LGE India का कहना है कि वह इन ऑर्डर्स के खिलाफ अपील करेगी और उसे तत्काल कोई फाइनेंशियल या ऑपरेशनल इंपैक्ट नहीं दिखेगा, लेकिन ये लीगल चैलेंजेस स्टेकहोल्डर्स के लिए चिंता का विषय बने हुए हैं।
कॉम्पिटिटर्स का लैंडस्केप
प्रमुख कॉम्पिटिटर्स भी रिन्यूएबल एनर्जी को प्राथमिकता दे रहे हैं। उदाहरण के लिए, Samsung India ने अपने नोएडा मैन्युफैक्चरिंग साइट के लिए 100% विंड पावर का 25 साल का PPA सिक्योर किया है, जो H2 2025 से शुरू होगा। Samsung ने अपने नोएडा प्लांट को सस्टेनेबिलिटी के लिए डीज़ल से नेचुरल गैस जनरेटर पर भी शिफ्ट किया है।
Dixon Technologies, जो इंडिया के इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर का एक और अहम प्लेयर है, एनर्जी-एफिशिएंट प्रैक्टिसेस के साथ एनवायरमेंटल सस्टेनेबिलिटी पर फोकस करता है और उसने अपनी 60% से ज़्यादा फैसिलिटीज पर सोलर पैनल लगाए हैं।
की प्रोजेक्ट मेट्रिक्स
- कुल सालाना क्लीन इलेक्ट्रिसिटी जनरेशन: 3.2 करोड़ यूनिट से ज़्यादा।
- PPA ड्यूरेशन: 25 साल।
- अनुमानित CO2e ऑफसेट (लाइफटाइम): लगभग 0.61 मिलियन मीट्रिक टन।
आगे क्या?
- 25 साल के PPAs का Q2 CY2026 में आधिकारिक तौर पर शुरू होना।
- इन एग्रीमेंट्स का LGE India के कुल एनर्जी कॉस्ट और ऑपरेशनल एक्सपेंसेस पर असर।
- LG के ग्लोबल RE100 टारगेट्स और इंडिया के नेट-जीरो 2070 एम्बिशन पर प्रगति।
- LG Electronics India द्वारा सामना किए जा रहे मौजूदा टैक्स और कस्टम्स डिस्प्यूट्स का समाधान और उनका नतीजा।