क्या है नया कॉन्ट्रैक्ट?
LE Lavoir Limited और Hotel Tunga Regency Private Limited के बीच हुए इस 3 साल के समझौते में रूम लीनन, स्टाफ यूनिफॉर्म और गेस्ट लॉड्री सहित फुल लॉड्री सर्विसेज शामिल हैं। इसमें वेट क्लीनिंग, वॉशिंग और ड्राई-क्लीनिंग जैसी सेवाएं दी जाएंगी।
होटल इंडस्ट्री में पैठ मजबूत
यह कॉन्ट्रैक्ट LE Lavoir के लिए होटल इंडस्ट्री में अपनी मौजूदगी बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। कंपनी इस डील के ज़रिए नए रेवेन्यू स्ट्रीम्स, खासकर लीनन रेंटल सॉल्यूशंस तलाश रही है। यह LE Lavoir के बड़े लक्ष्यों के अनुरूप है, जिसमें पूरे भारत में ज़्यादा से ज़्यादा इंस्टीट्यूशनल क्लाइंट्स हासिल करना शामिल है।
कंपनी का बैकग्राउंड और विस्तार
LE Lavoir, जो पहले Radhey Trade Holding Limited के नाम से जानी जाती थी, ने मार्च 2020 में अपना फोकस लॉड्री सर्विसेज पर शिफ्ट किया था। मार्च 2024 में, कंपनी ने Fairfield by Marriott, मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लिए Associated Hospitality के साथ 2 साल का एग्रीमेंट किया था। हाल ही में, LE Lavoir ने अपने कारोबार का विस्तार किया है। जून 2025 में इसने फूड मैन्युफैक्चरर Ghantiram Foods Private Limited में मेजोरिटी स्टेक खरीदा और सितंबर 2025 में डिजिटल प्लेटफॉर्म डेवलपमेंट के लिए Tech Riser Private Limited में स्टेक लेने का MoU साइन किया।
मार्केट सेंटिमेंट और स्टॉक पर दबाव
हालांकि, कंपनी को लेकर मार्केट का सेंटिमेंट थोड़ा सतर्क है। Analysts ने इसके वैल्यूएशन पर चिंता जताई है, खासकर पीयर कंपनियों की तुलना में इसके हाई प्राइस-टू-सेल्स (P/S) रेश्यो और काफी बड़े प्राइस-टू-अर्निंग्स (P/E) रेश्यो को लेकर। यही वजह है कि स्टॉक में पिछले छह महीनों में लगभग 26.47% और पिछले साल इसी अवधि में 31.28% की गिरावट देखी गई है (11 अप्रैल 2026 तक)।
कंपनी की वित्तीय स्थिति
LE Lavoir Ltd ने फाइनेंशियल ईयर 2024-25 (31 मार्च 2025 को समाप्त) के लिए ₹3.28 करोड़ का रेवेन्यू रिपोर्ट किया था। 11 अप्रैल 2026 तक, कंपनी की मार्केट कैपिटलाइजेशन लगभग ₹76 करोड़ थी।
आगे क्या उम्मीद रखें?
निवेशकों की नज़र अब Hotel Tunga Regency के साथ कॉन्ट्रैक्ट के एग्जीक्यूशन और नए लीनन रेंटल मॉडल की व्यवहार्यता पर रहेगी। इसके अलावा, इंस्टीट्यूशनल कॉन्ट्रैक्ट्स की पाइपलाइन, हालिया फूड और टेक्नोलॉजी एक्विजिशन का परफॉरमेंस, और एनालिस्ट रेटिंग्स व स्टॉक परफॉर्मेंस के प्रति मार्केट का ओवरऑल रुख अहम होगा।
