Krupalu Metals Ltd की ओर से आई इस खबर के मुताबिक, कंपनी को फाइनेंशियल ईयर 2026 के लिए अपनी एनुअल सेक्रेटरियल कंप्लायंस रिपोर्ट दाखिल करने की जरूरत नहीं होगी।
इस एग्जेंप्शन का मुख्य कारण कंपनी का BSE SME प्लेटफॉर्म पर लिस्टेड होना है। यह राहत SEBI (LODR) रेगुलेशंस, 2015 के तहत कुछ खास कॉर्पोरेट गवर्नेंस कंप्लायंस से कंपनी को मुक्त करती है। रेगुलेशन 15(2) के अनुसार, जिन कंपनियों का पेड-अप इक्विटी शेयर कैपिटल ₹10 करोड़ से ज़्यादा नहीं है और नेट वर्थ ₹25 करोड़ से ज़्यादा नहीं है, उन्हें कुछ रिपोर्टिंग ड्यूटीज़ से छूट मिल सकती है। Krupalu Metals इन सभी क्राइटेरिया को पूरा करती है।
यह SME-लिस्टेड कंपनियों के लिए बड़ा रेगुलेटरी रिलीफ (regulatory relief) है, जिससे वे जटिल कंप्लायंस प्रोसीज़र्स के बजाय अपने बिज़नेस ग्रोथ पर ज़्यादा ध्यान दे सकती हैं। Krupalu Metals Ltd, जिसकी स्थापना 2009 में हुई थी, नॉन-फेरस मेटल्स (nonferrous metals) सेक्टर में काम करती है और पीतल (brass) व तांबे (copper) के प्रोडक्ट्स बनाती है। कंपनी BSE SME प्लेटफॉर्म पर लिस्टेड है, जो छोटे और मध्यम उद्योगों को कैपिटल जुटाने और ग्रो करने में मदद करता है।
इस छूट के साथ, Krupalu Metals को आने वाले फाइनेंशियल ईयर के लिए रेगुलेटरी कंप्लायंस ऑब्लिगेशन्स (regulatory compliance obligations) में कमी का सीधा फायदा मिलेगा।
