Kross Ltd के शानदार नतीजे, क्षमता विस्तार पर ₹192 करोड़ का निवेश
ऑटो कंपोनेंट बनाने वाली कंपनी Kross Ltd ने 31 मार्च 2026 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर के लिए अपने नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का टोटल रेवेन्यू पिछले साल के मुकाबले 8.5% बढ़कर ₹673.2 करोड़ रहा। वहीं, प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) में 15% की जोरदार तेजी आई और यह ₹55.2 करोड़ पर पहुँच गया।
चौथी तिमाही (Q4 FY26) में भी दमदार प्रदर्शन
अगर चौथी तिमाही (Q4 FY26) की बात करें तो रेवेन्यू 21.9% बढ़कर ₹225.4 करोड़ रहा, और नेट प्रॉफिट (PAT) में 30.9% की बढ़त के साथ ₹22.4 करोड़ दर्ज किया गया। कंपनी को यूरोपियन और जापानी OEM (Original Equipment Manufacturer) से मिले ऑर्डर्स का इन नतीजों में बड़ा योगदान रहा है।
क्यों आ रही है कंपनी में तेजी?
Kross Ltd के ऑटो कंपोनेंट्स की मांग लगातार बढ़ रही है। कंपनी अपनी उत्पादन क्षमता (capacity expansion) को बढ़ाने के लिए बड़े कदम उठा रही है। इसके लिए ₹192 करोड़ का निवेश किया जा रहा है। इस फंड का इस्तेमाल एक्सल बीम एक्सट्रूज़न प्लांट (Axle Beam Extrusion Plant) के लिए ₹25 करोड़ और सीमलेस ट्यूब फैसिलिटी (Seamless Tube Facility) के लिए लगभग ₹167 करोड़ किया जाएगा। कंपनी हाई-प्रेशर मोल्डिंग लाइन (High-Pressure Moulding Line) को भी अपग्रेड कर रही है, जिसके सितंबर 2026 तक पूरा होने की उम्मीद है।
एक्सपोर्ट पर भी फोकस
कंपनी अपने एक्सपोर्ट को अगले दो सालों में करीब 8% तक बढ़ाने का लक्ष्य रख रही है। इससे कंपनी की आय के स्रोत (revenue streams) और भी मजबूत होंगे। इसके अलावा, एक्सल शाफ्ट प्रोडक्शन में नई टेक्नोलॉजी और टिपिंग जैक्स (Tipping Jacks) जैसे नए प्रोडक्ट्स को लॉन्च करने की योजना है, जो भविष्य में वॉल्यूम ग्रोथ को बढ़ा सकते हैं।
जोखिमों पर एक नजर
कंपनी को चौथी तिमाही में मिडिल ईस्ट संकट (Middle East conflict) के कारण LPG की कमी और कमोडिटी की कीमतों में बढ़ोतरी जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ा था। साथ ही, नई उत्पादन सुविधाओं के चालू होने में देरी का जोखिम भी बना हुआ है।
इंडस्ट्री कॉन्टेक्स्ट
Kross Ltd की तुलना बाजार में Lumax Industries, Sandhar Technologies, और Pricol Ltd जैसी कंपनियों से की जा रही है। ऑटो एंसिलरी सेक्टर में रिकवरी के बीच Kross Ltd का मजबूत प्रदर्शन दिख रहा है। कंपनी का कैपिटल एक्सपेंडिचर (capital expenditure) पर फोकस, बढ़ती मांग और एक्सपोर्ट के अवसरों को भुनाने की रणनीति के अनुरूप है।
