कोठारी ग्रुप की तीन कंपनियों का TMT India पर ओपन ऑफर
योग्या बिल्डर्स प्राइवेट लिमिटेड, स्कैफोल्ड प्रॉपर्टीज प्राइवेट लिमिटेड और एमके प्रोफिनलीज प्राइवेट लिमिटेड - ये तीन कंपनियाँ, जो सामूहिक रूप से कोठारी ग्रुप का हिस्सा हैं, TMT (India) लिमिटेड के 26.00% शेयर पूंजी के अधिग्रहण के लिए एक अनिवार्य ओपन ऑफर लेकर आई हैं। प्रत्येक शेयर के लिए ₹10 का प्रस्ताव दिया गया है, जिसके तहत कुल ₹1.29 करोड़ तक का भुगतान किया जाएगा।
ऑफर का ट्रिगर: कंट्रोलिंग स्टेक का अधिग्रहण
यह ओपन ऑफर इसलिए लाया गया है क्योंकि इन अधिग्रहणकर्ताओं ने 20 अप्रैल 2026 को मौजूदा प्रमोटरों और एक पब्लिक शेयरधारक से ₹1 प्रति शेयर के भाव पर कंपनी की 52.81% नियंत्रक हिस्सेदारी (controlling stake) पहले ही खरीद ली थी। इस अधिग्रहण का मुख्य उद्देश्य TMT (India) लिमिटेड का पूरा प्रबंधन नियंत्रण (management control) अपने हाथ में लेना है।
शेयरधारकों के लिए क्या है खास?
मौजूदा शेयरधारकों के लिए यह ऑफर एक अहम निकास (exit) का अवसर प्रस्तुत करता है। वे ₹10 प्रति शेयर के भाव पर अपने शेयर बेच सकते हैं, जो कि पिछली अधिग्रहण कीमत से काफी अधिक है और संभवतः मौजूदा बाजार ट्रेडिंग मूल्य से भी ऊपर है। प्रमोटर के रूप में नए समूह के आने से कंपनी की दिशा में बदलाव या परिचालन में बड़े सुधार की उम्मीद की जा सकती है।
TMT India का विविध इतिहास
TMT India Ltd, जिसकी स्थापना 1976 में हुई थी, ने शुरुआत में पेपर मशीनरी निर्माण तकनीक पर ध्यान केंद्रित किया था। समय के साथ, कंपनी स्टील उत्पाद, सिविल कॉन्ट्रैक्ट वर्क और कमोडिटी ट्रेडिंग जैसे विभिन्न क्षेत्रों में विविध हो गई।
ओपन ऑफर के मुख्य प्रभाव
- नए प्रमोटर: सफल ओपन ऑफर के बाद, अधिग्रहणकर्ता TMT India Ltd के नए प्रमोटर बन जाएंगे।
- प्रबंधन नियंत्रण: कंपनी पर पूरा नियंत्रण हासिल करने का इरादा है, जिससे नए नेतृत्व और रणनीतिक निर्णय लिए जा सकते हैं।
- शेयरधारक निकास: पब्लिक शेयरधारकों के पास ₹10 प्रति शेयर पर अपने शेयर बेचने का विकल्प होगा।
- रणनीतिक बदलाव: नियंत्रण में बदलाव अक्सर व्यवसाय की रणनीति, परिचालन फोकस या पुनर्गठन में बदलाव का संकेत देता है।
संभावित जोखिम और शर्तें
- नियामक मंजूरी: यदि आवश्यक वैधानिक मंजूरी (statutory approvals) नहीं मिलती है, तो अधिग्रहणकर्ता ऑफर वापस ले सकते हैं।
- एस्क्रो अकाउंट: अधिग्रहणकर्ताओं की जानबूझकर की गई चूक के कारण मंजूरी मिलने में देरी से एस्क्रो अकाउंट की जमा राशि जब्त हो सकती है।
- गैर-निवासी शेयरधारक: इन शेयरधारकों को लागू आरबीआई (RBI) मंजूरी प्रदान करनी होगी, अन्यथा उनके शेयरों को अस्वीकार किया जा सकता है।
- कीमत समायोजन: यदि ऑफर बंद होने के 26 सप्ताह के भीतर अधिग्रहणकर्ता उच्च कीमत पर शेयर खरीदते हैं, तो उन्हें अंतर राशि उन शेयरधारकों को चुकानी होगी जिन्होंने ऑफर के तहत अपने शेयर बेचे थे।
- ऑडिटर का इस्तीफा: कंपनी के वैधानिक ऑडिटर दिसंबर 2024 में इस्तीफा दे चुके हैं।
मूल्यांकन और वित्तीय आंकड़े
- ऑफर मूल्य ₹10 प्रति शेयर, ₹6.75 प्रति शेयर के प्रमाणित उचित मूल्य से 48% अधिक है।
- अधिग्रहणकर्ताओं द्वारा मौजूदा प्रमोटरों को भुगतान की गई कीमत ₹1 प्रति शेयर थी, जो वर्तमान ओपन ऑफर मूल्य से काफी कम है।
- TMT India का बाजार पूंजीकरण (market capitalization) मार्च 2026 तक लगभग ₹3.62 करोड़ था, जबकि अधिग्रहण करने वाली संस्थाओं की नेट वर्थ ₹124.79 करोड़ से ₹220.01 करोड़ के बीच है।
मुख्य तिथियां
- ओपन ऑफर टेंडरिंग अवधि: 12 जून 2026 से शुरू।
- ऑफर का समापन: 25 जून 2026।
- शेयरधारकों को भुगतान: 10 जुलाई 2026।
