तिमाही नतीजों में जोरदार प्रदर्शन
Kirloskar Oil Engines Ltd (KOEL) ने 31 मार्च 2026 को समाप्त चौथी तिमाही और पूरे वित्तीय वर्ष के लिए अपने वित्तीय नतीजे घोषित किए हैं। इस तिमाही में, कंपनी की कंसोलिडेटेड टोटल इनकम (कुल आय) ₹2,129.17 करोड़ रही, जो पिछले साल की इसी अवधि के ₹1,764.44 करोड़ की तुलना में 20.67% की जबरदस्त बढ़ोतरी है। इस दौरान कंपनी का नेट प्रॉफिट ₹155.22 करोड़ दर्ज किया गया।
पूरे साल का लेखा-जोखा
वित्तीय वर्ष 2026 (FY26) के लिए KOEL ने पूरे साल में भी मजबूत ग्रोथ हासिल की है। कंसोलिडेटेड टोटल इनकम में 21.89% का इजाफा हुआ और यह ₹7,771.17 करोड़ पर पहुँच गई। कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट पिछले वित्तीय वर्ष के ₹475.82 करोड़ से 18.21% बढ़कर ₹562.46 करोड़ हो गया। स्टैंडअलोन (Standalone) परफॉर्मेंस भी शानदार रही, FY26 के लिए टोटल इनकम 24.87% बढ़कर ₹5,687.49 करोड़ हुई और स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट ₹461.02 करोड़ रहा।
शेयरधारकों के लिए खुशखबरी और कुछ खर्च
कंपनी के मजबूत वित्तीय प्रदर्शन को देखते हुए, बोर्ड ने ₹4.50 प्रति शेयर के फाइनल डिविडेंड (Final Dividend) की सिफारिश की है। हालांकि, यह भी बताया गया है कि कंपनी को 'न्यू लेबर कोड्स' (New Labour Codes) के कार्यान्वयन से संबंधित ₹32.45 करोड़ का एक बड़ा एक्सेप्शनल कॉस्ट (Exceptional Cost) भी वहन करना पड़ा है।
बिजनेस स्ट्रक्चर में बदलाव
KOEL अपने मुख्य ऑपरेशंस पर ध्यान केंद्रित कर रही है और इसके तहत अपने B2C (बिजनेस-टू-कंज्यूमर) सेगमेंट को एक पूर्ण स्वामित्व वाली सब्सिडियरी (subsidiary) में ट्रांसफर कर रही है। इस सेगमेंट को अब 'डिस्कंटीन्यूड ऑपरेशंस' (Discontinued Operations) के तहत क्लासिफाई किया गया है, जो कंपनी की रणनीतिक दिशा में बदलाव का संकेत देता है।
