किर्लोस्कर इंडस्ट्रीज लिमिटेड (KIL) ने 31 मार्च, 2026 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर के लिए अपने दमदार नतीजे घोषित किए हैं। कंपनी, जो किर्लोस्कर ऑयल इंजन्स लिमिटेड (KOEL) और किर्लोस्कर न्यूमैटिक कंपनी लिमिटेड (KPCL) जैसी अपनी प्रमुख सहायक कंपनियों के प्रदर्शन पर निर्भर करती है, ने कंसोलिडेटेड बेस पर 14.78% की जबरदस्त ग्रोथ दर्ज की है।
इसके चलते, कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट बढ़कर ₹353.77 करोड़ हो गया, जबकि कंसोलिडेटेड इनकम 5.02% बढ़कर ₹7,013.18 करोड़ पर पहुंच गई।
शेयरधारकों को खुश करते हुए, कंपनी के बोर्ड ने ₹13 प्रति शेयर के फाइनल डिविडेंड (जो कि 130% है) की सिफारिश की है। इसके अलावा, कंपनी को अनवेस्टेड ऑप्शन के लिए ESAR चार्जेस की वापसी से ₹3.73 करोड़ का एक खास गेन भी मिला।
FY26 के दौरान, KIL ने अपनी विदेशी सब्सिडियरी ISMT Enterprises SA (लक्जमबर्ग) को पूरी तरह से लिक्विडेट (समाप्त) भी कर दिया है। कंपनी की रणनीति अपने ग्रुप कंपनियों के पोर्टफोलियो को मैनेज करने और बढ़ाने पर केंद्रित है।
हालांकि, कंसोलिडेटेड नतीजों में चमक के बावजूद, KIL के स्टैंडअलोन (अकेले कंपनी का) नेट प्रॉफिट में थोड़ी गिरावट देखी गई, जो 1.67% घटकर ₹77.01 करोड़ रह गया।
ग्रुप लेवल पर, कंसोलिडेटेड कुल खर्च 3.86% बढ़ा, जो रेवेन्यू ग्रोथ के लगभग बराबर रहा, यानी मार्जिन में कोई बड़ी बढ़ोतरी नहीं हुई।
मुख्य वित्तीय आंकड़े (FY25 बनाम FY26):
- कंसोलिडेटेड रेवेन्यू: ₹6,677.68 करोड़ से बढ़कर ₹7,013.18 करोड़
- कंसोलिडेटेड प्रॉफिट आफ्टर टैक्स: ₹308.22 करोड़ से बढ़कर ₹353.77 करोड़
- स्टैंडअलोन प्रॉफिट आफ्टर टैक्स: ₹78.32 करोड़ से घटकर ₹77.01 करोड़
निवेशक अब FY27 के आउटलुक, KOEL और KPCL के प्रदर्शन और किसी भी नई रणनीतिक पहल पर मैनेजमेंट की टिप्पणी का इंतजार करेंगे। ISMT Enterprises SA के लिक्विडेशन से वैल्यू की अंतिम वसूली भी निवेशकों के लिए रुचि का विषय बनी रहेगी।