वॉल्यूम ग्रोथ और एफिशिएंसी का कमाल!
Kirloskar Ferrous Industries ने 31 मार्च, 2026 को समाप्त हुए चौथे क्वार्टर और पूरे फाइनेंशियल ईयर के अपने ऑडिटेड नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी के शानदार प्रदर्शन का श्रेय मुख्य रूप से वॉल्यूम ग्रोथ (volume growth) और ऑपरेशनल एफिशिएंसी (operational efficiencies) को दिया जा रहा है।
कंसॉलिडेटेड आंकड़े भी चमके
अगर कंसॉलिडेटेड (consolidated) आंकड़ों की बात करें, तो कंपनी का रेवेन्यू 5% बढ़कर ₹6,888.6 करोड़ रहा, वहीं कंसॉलिडेटेड प्रॉफिट में 22% की बढ़ोतरी दर्ज की गई। मैनेजमेंट ने कहा है कि मौजूदा आर्थिक चुनौतियों के बावजूद, कंपनी ने अपनी परफॉरमेंस को बेहतर बनाए रखा है।
आगे क्या है कंपनी की रणनीति?
कंपनी का फोकस अब वैल्यू-एडेड प्रोडक्ट्स (value-added products) के पोर्टफोलियो को बढ़ाने पर है, खासकर ऑटोमोटिव सेक्टर के लिए। बड़े कैपिटल प्रोजेक्ट्स (capital projects) और मर्जर योजनाओं (merger plans) पर भी काम चल रहा है, जिसका मकसद मार्केट में कंपनी की पोजीशन को और मजबूत करना है। कॉस्ट ऑप्टिमाइजेशन (cost optimization) के प्रयासों में रिन्यूएबल एनर्जी (renewable energy) का इस्तेमाल भी शामिल है, जिससे प्रॉफिट मार्जिन को सपोर्ट मिलने की उम्मीद है।
