यह कदम SEBI (इनसाइडर ट्रेडिंग निषेध) रेगुलेशन और कंपनी के अपने कोड ऑफ कंडक्ट के तहत उठाया गया है। इसका सीधा मतलब यह है कि कंपनी के डायरेक्टर्स, प्रमोटर्स, और अन्य प्रमुख कर्मचारी, जिनके पास कंपनी की अंदरूनी (non-public) जानकारी होती है, वे नतीजों के ऐलान से पहले Kirloskar Electric के शेयरों में किसी भी तरह की खरीद-बिक्री नहीं कर पाएंगे। इस प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य शेयर बाजार में निष्पक्षता बनाए रखना और निवेशकों के हितों की रक्षा करना है।
यह ट्रेडिंग विंडो तब तक बंद रहेगी जब तक कंपनी अपने Q4 FY26 और पूरे फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के ऑडिटेड नतीजों का ऐलान नहीं कर देती। नतीजों की आधिकारिक घोषणा के 48 घंटे बाद ही इसे दोबारा खोला जाएगा। कंपनी जल्द ही बोर्ड मीटिंग की तारीख बताएगी, जिसमें इन नतीजों को अंतिम मंजूरी दी जाएगी।