Khyati Global Ventures: इंडिपेंडेंट डायरेक्टर का इस्तीफा
Khyati Global Ventures Ltd ने शेयर बाजार को बताया है कि उनके इंडिपेंडेंट डायरेक्टर, Farhaad Dastoor, ने अपने पद से हटने का फैसला किया है। यह इस्तीफा 29 अप्रैल, 2026 से प्रभावी हो गया है। कंपनी के बोर्ड की मीटिंग 30 अप्रैल, 2026 को हुई, जिसमें इस डेवलपमेंट पर चर्चा की गई।
अहम कमेटियों से भी हुए अलग
Mr. Dastoor सिर्फ इंडिपेंडेंट डायरेक्टर के पद से ही नहीं, बल्कि तीन महत्वपूर्ण बोर्ड कमेटियों से भी अलग हो गए हैं। इनमें ऑडिट कमेटी, नॉमिनेशन एंड रेमुनरेशन कमेटी और स्टेकहोल्डर्स रिलेशनशिप कमेटी शामिल हैं। उनके जाने से इन अहम निगरानी वाली भूमिकाओं पर असर पड़ेगा।
गवर्नेंस और निरंतरता पर सवाल
एक इंडिपेंडेंट डायरेक्टर का इस्तीफा, खासकर जो महत्वपूर्ण कमेटियों में शामिल हो, बोर्ड की निरंतरता और गवर्नेंस स्टैंडर्ड्स को लेकर सवाल उठा सकता है। ऑडिट कमेटी फाइनेंशियल रिपोर्टिंग की देखरेख करती है, जबकि नॉमिनेशन एंड रेमुनरेशन कमेटी एग्जीक्यूटिव कंपनसेशन और बोर्ड अपॉइंटमेंट्स को संभालती है। स्टेकहोल्डर्स रिलेशनशिप कमेटी निवेशकों की चिंताओं को दूर करती है। इन रोल्स से अनुभवी लोगों का हटना वित्तीय अखंडता और कॉर्पोरेट गवर्नेंस को बनाए रखने में उनकी अहमियत को दिखाता है।
कंपनी का बैकग्राउंड
Khyati Global Ventures Ltd, जिसकी स्थापना 1993 में हुई थी, FMCG प्रोडक्ट्स, फार्मास्यूटिकल्स और हैंडीक्राफ्ट्स के एक्सपोर्ट और री-पैकेजिंग का काम करती है। कंपनी अक्टूबर 2024 में अपने IPO के बाद BSE SME प्लेटफॉर्म पर लिस्ट हुई थी।
यह घटना भारतीय कॉर्पोरेट जगत में एक ऐसे समय में हुई है जब डायरेक्टरों के इस्तीफे आम होते जा रहे हैं। अन्य कमिटमेंट्स और पर्सनल कारणों को अक्सर लिस्टेड कंपनियों से समय से पहले हटने की वजह बताया जाता है। यह भी ध्यान देने योग्य है कि इससे पहले 4 मई, 2024 को Mr. Paresh Rughani ने भी डायरेक्टर पद से इस्तीफा दिया था।
आगे क्या?
Khyati Global Ventures अब Mr. Dastoor द्वारा खाली की गई जगह को भरने पर ध्यान केंद्रित करेगी। कंपनी उपयुक्त रिप्लेसमेंट नियुक्त करने का लक्ष्य रखेगी ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि उसकी कमेटियां, जिनमें ऑडिट, नॉमिनेशन एंड रेमुनरेशन और स्टेकहोल्डर्स रिलेशनशिप कमेटियां शामिल हैं, प्रभावी ढंग से काम करती रहें और रेगुलेटरी रिक्वायरमेंट्स को पूरा करें।
डायरेक्टर इस्तीफों के बड़े ट्रेंड्स
भारतीय लिस्टेड कंपनियों में इंडिपेंडेंट डायरेक्टरों के इस्तीफों में बढ़ोतरी देखी गई है। मध्य-दिसंबर 2025 तक, लगभग 510 इंडिपेंडेंट डायरेक्टर्स ने इस्तीफा दिया, जो पिछले साल के 393 की तुलना में एक महत्वपूर्ण बढ़ोतरी है। आम कारणों में अन्य प्रोफेशनल कमिटमेंट्स ( 2024 की शुरुआत में 54% इस्तीफे) और पर्सनल कारण ( 27%) शामिल हैं। ये ट्रेंड्स टेक्नोलॉजी, टेक्सटाइल और FMCG जैसे विभिन्न सेक्टरों में देखे जा रहे हैं, जो कभी-कभी बदलते रेगुलेटरी माहौल से भी जुड़े होते हैं।
