Kasturi Metal Composite को मिली बड़ी राहत! FY27 में नहीं लागू होंगे ये नियम, कंपनी को पूंजी जुटाने में मिलेगी छूट

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AuthorAditya Rao|Published at:
Kasturi Metal Composite को मिली बड़ी राहत! FY27 में नहीं लागू होंगे ये नियम, कंपनी को पूंजी जुटाने में मिलेगी छूट
Overview

Kasturi Metal Composite Limited ने साफ कर दिया है कि 31 मार्च 2026 तक कंपनी 'लार्ज कॉर्पोरेट' की श्रेणी में नहीं आएगी। इस वजह से, फाइनेंशियल ईयर 2026-27 के लिए कंपनी को कर्ज (debt) के ज़रिए अनिवार्य रूप से बाज़ार से पैसा जुटाने के नियमों से छूट मिल गई है।

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SEBI के नियमों से मिली बड़ी राहत

Kasturi Metal Composite Limited ने SEBI के 'लार्ज कॉर्पोरेट' (Large Corporate) ढांचे के तहत आने वाले अनिवार्य नियमों से बचने में कामयाबी पाई है। कंपनी ने पुष्टि की है कि 31 मार्च 2026 तक के वित्तीय आंकड़ों के अनुसार, वे इस श्रेणी में फिट नहीं बैठते। इसका सीधा मतलब यह है कि फाइनेंशियल ईयर 2026-27 के लिए कंपनी को SEBI के उन नियमों का पालन नहीं करना पड़ेगा, जो डेट सिक्योरिटीज (debt securities) के ज़रिए अनिवार्य उधार (mandatory borrowing) से संबंधित हैं।

कंपनी की फाइलिंग से पुष्टि

Kasturi Metal Composite ने SEBI के नवंबर 2018 और अक्टूबर 2023 के सर्कुलर का हवाला देते हुए बताया है कि वे 'लार्ज कॉर्पोरेट' के लिए तय की गई शर्तों को पूरा नहीं करते। इन शर्तों को पूरा न करने पर कंपनी पर कुछ खास तरह के डेट जुटाने के दायित्व लागू नहीं होते।

पूंजी जुटाने की रणनीति पर असर

SEBI का 'लार्ज कॉर्पोरेट' ढांचा कॉर्पोरेट बॉन्ड मार्केट को मज़बूत करने के लिए बनाया गया है। इस फ्रेमवर्क के तहत, 'लार्ज कॉर्पोरेट' कंपनियों को अपने नए उधार का कम से कम एक निश्चित प्रतिशत डेट सिक्योरिटीज के ज़रिए ही जुटाना होता है। Kasturi Metal Composite के लिए यह छूट पूंजी जुटाने की उनकी रणनीतियों में ज़्यादा लचीलापन लाएगी। वे अब FY 2026-27 के लिए अपनी ज़रूरतों के हिसाब से डेट फाइनेंसिंग के तरीके चुन सकेंगे, क्योंकि उन पर कोई खास हिस्सा डेट सिक्योरिटीज से जुटाने का दबाव नहीं होगा।

SEBI के फ्रेमवर्क का विवरण

SEBI का 'लार्ज कॉर्पोरेट' फ्रेमवर्क, जो 2018 में आया था और 2023 में इसमें बदलाव हुए, बैंकों को छोड़कर लिस्टेड कंपनियों के लिए है। इसके तहत, ₹100 करोड़ (या 2023 के फ्रेमवर्क के बाद ₹1,000 करोड़) या उससे अधिक का लॉन्ग-टर्म बोर्रोइंग (long-term borrowing) रखने वाली और अच्छी क्रेडिट रेटिंग (आमतौर पर 'AA' या उससे ऊपर) वाली कंपनियों को अपने कुल उधार का कम से कम 25% डेट सिक्योरिटीज के ज़रिए जुटाना ज़रूरी होता है।

कंपनी की पृष्ठभूमि

Kasturi Metal Composite, जो स्टील फाइबर और कंपोजिट प्रोडक्ट्स बनाती है, ने जनवरी 2026 में अपना IPO (Initial Public Offering) लॉन्च किया था। कंपनी SEBI के नियमों का पालन करने में सक्रिय रही है और हाल ही में उसने यह भी बताया था कि उसके शेयर पूरी तरह से डीमैटेरियलाइज्ड (dematerialized) हो चुके हैं।

भविष्य में ध्यान रखने योग्य बातें

अब निवेशक Kasturi Metal Composite की भविष्य की फाइनेंसिंग स्ट्रेटेजी पर नज़र रखेंगे और देखेंगे कि कंपनी वॉलंटरी (voluntary) तौर पर कोई डेट इशू करती है या नहीं। साथ ही, SEBI द्वारा 'लार्ज कॉर्पोरेट' की परिभाषा या फ्रेमवर्क में किसी भी बदलाव पर भी नज़र रखना ज़रूरी होगा। कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन की निगरानी से ही भविष्य में उसकी 'लार्ज कॉर्पोरेट' स्थिति का पता चलेगा।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.