SEBI ने 2018 में 'लार्ज कॉर्पोरेट एंटिटी' का फ्रेमवर्क पेश किया था, जिसके तहत बड़ी कंपनियों को कुछ खास नियमों का पालन करना पड़ता है। Kamdhenu Ventures ने स्टॉक एक्सचेंज को बताया है कि वह इस कैटेगरी में नहीं आती।
SEBI के सर्कुलर के अनुसार, 'लार्ज कॉर्पोरेट' वे कंपनियाँ होती हैं जिनके ₹100 करोड़ या उससे ज़्यादा के लॉन्ग-टर्म बरोइंग (long-term borrowings) होते थे और जिनका क्रेडिट रेटिंग 'AA' या उससे ऊपर होता था। हालांकि, अप्रैल 2024 से यह सीमा बढ़ाकर ₹1000 करोड़ कर दी गई है।
इस कैटेगराइजेशन से बाहर होने का मतलब है कि Kamdhenu Ventures अब 'लार्ज कॉर्पोरेट' के लिए अनिवार्य फंड जुटाने के नियमों, जैसे कि डेट इंस्ट्रूमेंट्स (debt instruments) के ज़रिए निश्चित हिस्सा जुटाना, से मुक्त है। कंपनी अब सामान्य नियमों के तहत अपनी कैपिटल रेजिंग (capital raising) कर सकेगी।
Kamdhenu Ventures स्टील और पेंट्स जैसे सेक्टर में काम करती है और कंपनी पहले भी वारंट्स (warrants) के ज़रिए फंड जुटा चुकी है, जो इसकी ग्रोथ और फाइनेंसियल मैनेजमेंट की ज़रूरत को दिखाता है।
इस फैसले से कंपनी को रेगुलेटरी क्लैरिटी (regulatory clarity) मिली है और भविष्य में फंड जुटाने में अधिक फ्लेक्सिबिलिटी (flexibility) मिलेगी। यह कंपनी के कैपिटल मार्केट एक्टिविटीज (capital market activities) पर सामान्य SEBI रेगुलेशंस (regulations) के तहत काम करने की पुष्टि करता है।
फिलहाल, इस एडमिनिस्ट्रेटिव (administrative) बदलाव से जुड़े कोई खास जोखिम नहीं बताए गए हैं। कंपनी को पेंट और स्टील सेक्टर के सामान्य बिजनेस रिस्क (business risks) का सामना करना पड़ सकता है, जैसे कच्चे माल की कीमतों में उतार-चढ़ाव।
हालांकि, 'लार्ज कॉर्पोरेट' स्टेटस कंपनी-विशिष्ट होता है, फिर भी इसके पेंट्स सेक्टर के बड़े प्लेयर्स जैसे Asian Paints, Berger Paints India और स्टील सेक्टर की बड़ी कंपनियों जैसे SAIL को ध्यान में रखा जा सकता है। आगे चलकर, कंपनी की सब्सिडियरी Kamdhenu Colour and Coatings Limited (KCCL) में निवेश की योजनाओं पर नज़र रहेगी।
