भविष्य की ऊर्जा के लिए Kalyani Steels का बड़ा दांव
स्टील सेक्टर में लागत घटाने और पर्यावरण के नियमों का पालन करने के दबाव के बीच, Kalyani Steels ने अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए ग्रीन पावर का जुगाड़ कर लिया है। कंपनी ने ₹2.94 करोड़ में Clean Renewable Energy KK 1B Private Limited में 4.85% की हिस्सेदारी खरीदी है। यह कदम भारत सरकार की 'ग्रुप कैप्टिव स्कीम' के तहत उठाया गया है, जिसका मकसद कंपनियों को अपनी बिजली खुद पैदा करने के लिए प्रोत्साहित करना है।
Clean Renewable Energy KK 1B Private Limited, जो जुलाई 2024 में बनी है, अभी बिजली उत्पादन के क्षेत्र में काम कर रही है, लेकिन फाइनेंशियल ईयर 2024-25 में इसका कोई टर्नओवर रिपोर्ट नहीं किया गया है।
यह डील क्यों है खास?
जैसे-जैसे भारत का औद्योगिक क्षेत्र, खासकर स्टील इंडस्ट्री, कार्बन उत्सर्जन कम करने और ऊर्जा की बढ़ती लागत से निपटने के लिए दबाव में है, ऐसे में भरोसेमंद और ग्रीन पावर हासिल करना बहुत जरूरी हो जाता है। 'ग्रुप कैप्टिव स्कीम' कंपनियों को रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट्स में निवेश करने की सुविधा देती है, जिससे वे अपनी खपत के लिए बिजली बना सकें। इससे लागत में बचत के साथ-साथ सस्टेनेबिलिटी लक्ष्यों को भी पूरा किया जा सकता है।
Kalyani Steels का यह कदम इंडस्ट्री के उस बड़े ट्रेंड को दर्शाता है, जहां प्रमुख स्टील कंपनियां अपने पर्यावरण लक्ष्यों को पूरा करने और परिचालन खर्च को कम करने के लिए रिन्यूएबल एनर्जी में भारी निवेश कर रही हैं। कंपनी का लक्ष्य अपनी ऊर्जा निर्भरता बढ़ाना और कार्बन फुटप्रिंट को कम करना है।
Kalyani Group की ग्रीन पहल
Kalyani Group का हिस्सा Kalyani Steels, सस्टेनेबिलिटी की ओर लगातार बढ़ रहा है। कंपनी पहले ही भारत का पहला ग्रीन स्टील ब्रांड 'Kalyani FeRRESTA' लॉन्च कर चुकी है, जिसका लक्ष्य 100% रिन्यूएबल एनर्जी का इस्तेमाल करना है। इससे पहले, Kalyani Steels ने Kamineni Steel & Power India Pvt. Ltd. की संपत्ति ₹450 करोड़ में खरीदी थी, जिसे वे रिन्यूएबल और वेस्ट-हीट एनर्जी से चलने वाली 'ग्रीन स्टील फैसिलिटी' बनाने की योजना बना रहे हैं।
आगे क्या होगा?
इस डील से कंपनी की अपनी जरूरत के लिए ग्रीन एनर्जी प्राप्त करने की क्षमता बढ़ेगी। यह कंपनी के सस्टेनेबिलिटी और डीकार्बोनाइजेशन के लक्ष्यों के साथ भी मेल खाएगी। लंबे समय में, इससे बिजली की लागत कम होने और एनर्जी कॉस्ट पर बेहतर नियंत्रण की उम्मीद है।
किन बातों का रखना होगा ध्यान?
इस अधिग्रहण का पूरा होना अभी कुछ शर्तों पर निर्भर करता है, जैसा कि तय किए गए समझौतों में बताया गया है।
इसके अलावा, SEBI ने हाल ही में Kalyani Steels और Kalyani Group की अन्य कंपनियों पर संबंधित-पक्ष (related-party) के लेन-देन को लेकर जांच की थी। कंपनी ने अप्रूवल और डिस्क्लोजर में कमी के आरोपों पर ₹4.12 करोड़ का जुर्माना भरकर मामला सुलझाया था। यह बात निवेशकों के लिए गौर करने वाली हो सकती है।
इंडस्ट्री में क्या है ट्रेंड?
Kalyani Steels का ग्रीन एनर्जी में यह कदम उनके बड़े प्रतिस्पर्धियों के बराबर है। Tata Steel भी 966 MW की राउंड-द-क्लॉक रिन्यूएबल पावर हासिल कर रहा है, जिसका लक्ष्य उत्सर्जन को काफी कम करना है। वहीं, JSW Steel की 2030 तक 10 GW रिन्यूएबल एनर्जी कैपेसिटी बढ़ाने की योजना है और वे हाइड्रोजन-बेस्ड स्टील प्रोडक्शन पर भी काम कर रहे हैं। यह दिखाता है कि पूरे स्टील सेक्टर में ग्रीन एनर्जी की खरीद और कार्बन उत्सर्जन कम करने पर ज़ोर दिया जा रहा है।
अगली बड़ी खबर?
कंपनी निवेश पूरा होने पर एक अलग सूचना जारी करेगी। साथ ही, यह भी देखा जाएगा कि यह रिन्यूएबल एनर्जी सोर्स Kalyani Steels के परिचालन में कैसे एकीकृत होता है।