गुजरात के कच्छ में स्थित गांव शिवलाखा में Kalyani Cast-Tech Limited ने 21 अप्रैल 2026 को यह महत्वपूर्ण मंजूरी हासिल की है। इस NA लेआउट प्लान के अप्रूव होने से कंपनी अब अपने 114 एकड़ के लैंड पार्सल पर लॉजिस्टिक्स पार्क और वैगन मैन्युफैक्चरिंग यूनिट की स्थापना की दिशा में आगे बढ़ सकती है।
यह मंजूरी कंपनी के लिए एक नींव की तरह है। इसके मिलने के बाद Kalyani Cast-Tech अब बिजली और पानी जैसी जरूरी यूटिलिटीज (Utilities) के लिए औपचारिक आवेदन कर पाएगी। साथ ही, इस बड़े इंडस्ट्रियल फैसिलिटी को स्थापित करने और चलाने के लिए आवश्यक अन्य स्टैच्यूटरी क्लियरेंसेस (Statutory Clearances) हासिल करने का रास्ता भी खुल गया है। यह डेवलपमेंट कंपनी की एक्सपैंशन स्ट्रैटेजी (Expansion Strategy) और इंफ्रास्ट्रक्चर व लॉजिस्टिक्स सेक्टर में डाइवर्सिफिकेशन (Diversification) के प्लान के लिए बेहद अहम है।
Kalyani Cast-Tech मुख्य रूप से ऑटोमोटिव और रेलवे सेक्टर के लिए कास्ट आयरन और डक्टाइल आयरन प्रोडक्ट्स बनाने के लिए जानी जाती है। कंपनी की मौजूदा मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स भी गुजरात में ही हैं। यह नया प्रोजेक्ट लॉजिस्टिक्स और वैगन मैन्युफैक्चरिंग में कंपनी के विस्तार को दर्शाता है, जो भारत सरकार के 'मेक इन इंडिया' (Make in India) पहल और इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट पर फोकस से मेल खाता है।
अब जब लैंड लेआउट को आधिकारिक मंजूरी मिल गई है, तो कंपनी यूटिलिटी कनेक्शन और फैक्ट्री लाइसेंस व प्रदूषण नियंत्रण क्लियरेंसेस जैसे जरूरी स्टैच्यूटरी अप्रूवल्स के लिए अप्लाई कर सकती है। इससे लॉजिस्टिक्स पार्क और वैगन यूनिट के कंस्ट्रक्शन और ऑपरेशन फेज को शुरू करने का रास्ता साफ हो जाएगा।
आगे की राह में बाकी स्टैच्यूटरी अप्रूवल्स और यूटिलिटी कनेक्शन को समय पर हासिल करना एक बड़ी चुनौती रहेगी। इस बड़े पैमाने के प्रोजेक्ट का सफल निष्पादन और ऑपरेशन कंपनी के लिए महत्वपूर्ण साबित होगा।
Wagon मैन्युफैक्चरिंग में Kalyani Cast-Tech का कदम Texmaco Rail & Engineering Ltd और Titagarh Rail Systems Ltd जैसे स्थापित प्लेयर्स के साथ प्रतिस्पर्धा में ला सकता है। वहीं, लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर में Gateway Distriparks Ltd एक लीडर है। Kalyani Cast-Tech का प्रोजेक्ट मैन्युफैक्चरिंग और लॉजिस्टिक्स क्षमताओं का एक अनूठा मिश्रण पेश करता है।
इन्वेस्टर्स अब यूटिलिटीज, फैक्ट्री लाइसेंस और एनवायरमेंटल क्लियरेंसेस मिलने की प्रगति पर बारीकी से नज़र रखेंगे। साथ ही, कंस्ट्रक्शन शुरू होने और प्रोजेक्ट के ऑपरेशनल होने की संभावित तारीखों से जुड़ी घोषणाओं का भी इंतजार रहेगा।
