मुनाफे और रेवेन्यू में शानदार बढ़त
कंपनी का यह दमदार सालाना प्रदर्शन ऑपरेशनल एफिशिएंसी में सुधार और रिकवरी का संकेत दे रहा है। ₹1,030.63 करोड़ का नेट प्रॉफिट और ₹27,247.93 करोड़ का रेवेन्यू, दोनों ही पिछले साल की तुलना में काफी बेहतर हैं।
शेयरधारकों को तोहफा और कर्ज में भारी कटौती
शेयरधारकों के लिए अच्छी खबर यह है कि कंपनी के बोर्ड ने ₹11 प्रति शेयर के डिविडेंड की सिफारिश की है। इसके अलावा, कंपनी ने अपने बैलेंस शीट को मजबूत करते हुए नॉन-करंट कंसॉलिडेटेड बोरिंग्स (कर्ज) में भारी कटौती की है। FY25 में जो कर्ज ₹1,467.38 करोड़ था, वह FY26 में घटकर सिर्फ ₹611.31 करोड़ रह गया, जो कंपनी की मजबूत वित्तीय स्थिति को दर्शाता है।
चुनौतियां भी कम नहीं
हालांकि, KPIL के सामने कुछ बड़ी चुनौतियां भी हैं। ब्राजील स्थित इसकी स्टेप-डाउन सब्सिडियरी Fasttel, जिसे 2022 में खरीदा गया था, वहां एक जुडिशियल रीऑर्गेनाइजेशन (न्यायिक पुनर्गठन) प्रक्रिया चल रही है। इसके कारण FY26 की चौथी तिमाही में ₹90.50 करोड़ के गुडविल और इनटैंगिबल्स का इम्पेयरमेंट (राइट-ऑफ) हुआ।
इसके अलावा, नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने वाइंगांगा एक्सप्रेसवे (WEPL) प्रोजेक्ट के लिए टर्मिनेशन नोटिस जारी किया है, जिसके तहत टोल ऑपरेशंस को सितंबर 2025 में ट्रांसफर कर दिया गया।
KPIL एक ग्लोबल इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन (EPC) कंपनी है, जिसने अक्टूबर 2023 में JMC Projects (India) Ltd के साथ मर्जर के बाद अपने ऑपरेशंस का काफी विस्तार किया है। इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट सेक्टर में KPIL का मुकाबला Larsen & Toubro Ltd (L&T), PNC Infratech Ltd, HG Infra Engineering Ltd, और NCC Ltd जैसी बड़ी कंपनियों से है।
निवेशकों की नजर अब कंपनी के मैनेजमेंट की ओर से ब्राजील की सब्सिडियरी के रीस्ट्रक्चरिंग और रिकवरी प्लान पर आने वाले कमेंट्री, NHAI प्रोजेक्ट के टर्मिनेशन से जुड़े वित्तीय प्रभावों और कर्ज में कमी का भविष्य के इंटरेस्ट कॉस्ट व प्रॉफिटेबिलिटी पर पड़ने वाले असर पर रहेगी।
