रिकॉर्ड रेवेन्यू और मुनाफे की कहानी
Kalpataru Projects International Ltd (KPIL) ने FY26 के लिए शानदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी की कंसोलिडेटेड रेवेन्यू ऑल-टाइम हाई ₹27,143 करोड़ पर पहुँच गई, जो पिछले साल के मुकाबले 22% ज्यादा है।
प्रॉफिटेबिलिटी के मोर्चे पर भी कंपनी ने कमाल किया है। एक्सेप्शनल आइटम्स से पहले प्रॉफिट बिफोर टैक्स (PBT) 62% बढ़कर ₹1,334 करोड़ दर्ज किया गया, जिससे मार्जिन में 120 बेसिस पॉइंट्स का सुधार हुआ।
बैलेंस शीट हुई मजबूत, डेट में बड़ी कटौती
कंपनी ने अपने फाइनेंशियल मैनेजमेंट पर खास ध्यान दिया है। 31 मार्च 2026 तक, KPIL का नेट डेट 53% घटकर मात्र ₹915 करोड़ रह गया है। यह मजबूत एग्जीक्यूशन और JMC Projects के साथ हुए मर्जर के बाद बैलेंस शीट को मजबूत करने का नतीजा है।
ऑर्डर बुक में भी दम
FY26 के दौरान कंपनी ने ₹26,400 करोड़ का नया ऑर्डर हासिल किया है, जिसके दम पर कुल ऑर्डर बुक ₹65,457 करोड़ तक पहुँच गई है। यह भविष्य की ग्रोथ के लिए अच्छी विजिबिलिटी दे रहा है।
चौथी तिमाही (Q4 FY26) के नतीजे
सिर्फ पूरे साल की बात नहीं, चौथी तिमाही में भी कंपनी ने अच्छा प्रदर्शन किया। इस तिमाही में कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 10% बढ़कर ₹7,778 करोड़ रहा।
यह क्यों मायने रखता है?
यह रिकॉर्ड प्रदर्शन KPIL की मजबूत एग्जीक्यूशन क्षमता को दिखाता है। डेट में भारी कमी से कंपनी की फाइनेंशियल स्टेबिलिटी बढ़ी है और भविष्य में ग्रोथ के लिए फ्लेक्सिबिलिटी मिली है। मजबूत ऑर्डर बुक आने वाले सालों के लिए रेवेन्यू की गारंटी दे रही है।
मर्जर की कहानी
KPIL का गठन फरवरी 2024 में Kalpataru Power Transmission Ltd (KPTL) और JMC Projects (India) Ltd के मर्जर से हुआ था। इस मर्जर का मकसद एक बड़ी और ज्यादा डायवर्सिफाइड कंपनी बनाना था।
निवेशकों के लिए क्या खास?
- शेयरधारकों को FY26 के लिए ₹11 प्रति इक्विटी शेयर का डिविडेंड रिकमेंड किया गया है।
- कंपनी की बैलेंस शीट पहले से कहीं ज्यादा मजबूत है, डेट लेवल कई सालों के निचले स्तर पर हैं।
आगे क्या देखें?
- रिकमेंड किए गए ₹11 प्रति शेयर के डिविडेंड के औपचारिक भुगतान पर नजर रखें।
- ₹65,457 करोड़ की मजबूत ऑर्डर बुक के एग्जीक्यूशन पर ध्यान दें।
- FY27 में कंपनी की बैलेंस शीट को और मजबूत करने और मार्जिन बढ़ाने की कोशिशों को ट्रैक करें।
- नए ऑर्डर की घोषणाएं जो ऑर्डर पाइपलाइन को और बढ़ा सकती हैं, उन पर नजर रखें।
