दमदार नतीजे, मजबूत ऑर्डर बुक!
KPIL के वितीय साल 2026 के अंत (31 मार्च, 2026) तक के नतीजों के मुताबिक, कंसोलिडेटेड प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) में 82% का जबरदस्त उछाल देखा गया, जो ₹1,031 करोड़ रहा। वहीं, कंपनी का रेवेन्यू पिछले साल के मुकाबले 22% बढ़कर ₹27,143 करोड़ हो गया। कंपनी ने ₹11 प्रति शेयर का डिविडेंड (Dividend) देने का भी प्रस्ताव रखा है।
नेट डेट में बड़ी कटौती, बैलेंस शीट मजबूत!
वित्तीय प्रबंधन (Financial Management) के मोर्चे पर KPIL ने कमाल कर दिया है। कंपनी ने अपने नेट डेट (Net Debt) को साल-दर-साल 53% तक घटा दिया है, जो वितीय साल के अंत तक घटकर सिर्फ ₹915 करोड़ रह गया। यह कंपनी की बैलेंस शीट को काफी मजबूत करता है। इसके अलावा, कंपनी का अर्निंग्स पर शेयर (EPS) 71% बढ़कर ₹60.90 हो गया है।
क्यों अहम हैं ये आंकड़े?
ये नतीजे KPIL की प्रोजेक्ट्स को सफलतापूर्वक पूरा करने की क्षमता और कुशल वित्तीय प्रबंधन को दर्शाते हैं। बढ़ते रेवेन्यू और प्रॉफिट से इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर (Infrastructure Sector) में कंपनी की सेवाओं की बढ़ती मांग का पता चलता है। नेट डेट में 53% की भारी कटौती कंपनी के वित्तीय जोखिम को कम करती है और भविष्य में ग्रोथ के लिए पूंजी उपलब्ध कराती है।
भविष्य के लिए क्या है खास?
31 मार्च, 2026 तक कंपनी के पास ₹65,457 करोड़ की मजबूत ऑर्डर बुक (Order Book) है। इस वितीय वर्ष के दौरान कंपनी ने ₹26,400 करोड़ के नए ऑर्डर्स भी हासिल किए हैं। कंपनी ने गैर-प्रमुख संपत्तियों (Non-core Assets) की बिक्री, जैसे कि विंध्याचल रोड एसेट और इंदौर रियल एस्टेट प्रोजेक्ट, को पूरा करके अपने परिचालन को सुव्यवस्थित किया है। ब्राजील की सहायक कंपनी Fasttel Brazil के पुराने मुद्दों का समाधान भी एक बड़ी राहत है।
