Kajaria Ceramics के शानदार नतीजे
Kajaria Ceramics Limited ने 31 मार्च 2026 को समाप्त हुए वित्तीय वर्ष के लिए अपने ऑडिटेड नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी ने ₹4,830.36 करोड़ का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशंस दर्ज किया है। वहीं, कंपनी का कंसोलिडेटेड प्रॉफिट आफ्टर टैक्स ₹490.06 करोड़ रहा।
शेयरधारकों को मिलेगा तोहफा
इन नतीजों के साथ, कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने ₹6 प्रति इक्विटी शेयर के फाइनल डिविडेंड की सिफारिश की है। यह शेयरधारकों के लिए एक अच्छी खबर है।
₹297 करोड़ का शेयर बायबैक और विस्तार की योजना
बोर्ड ने ₹1380 प्रति शेयर की अनुमानित कीमत पर ₹296.70 करोड़ तक के शेयर बायबैक प्रोग्राम को भी मंजूरी दे दी है। यह कंपनी के शेयर की वैल्यू बढ़ाने में मदद कर सकता है।
कंपनी अपनी ग्रोथ को और मजबूत करने के लिए आंध्र प्रदेश के श्रीकालहस्ती स्थित मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी का ₹210 करोड़ का विस्तार करेगी। इस विस्तार से हर साल 10 मिलियन स्क्वायर मीटर (MSM) ग्लेज्ड विट्रिफाइड टाइल्स की कैपेसिटी मार्च 2027 तक बढ़ जाएगी।
इसके अलावा, कंपनी ने Kerovit Global Private Limited में ₹45 करोड़ का इन्वेस्टमेंट और Kajaria Bathware Private Limited में ₹50 करोड़ का कंपलसरी कन्वर्टिबल प्रेफरेंस शेयर्स (CCPS) का अधिग्रहण करने की भी मंजूरी दी है।
क्यों है ये ऐलान अहम?
FY26 के ये मजबूत रेवेन्यू और प्रॉफिट नंबर्स कॉम्पिटिटिव मार्केट में Kajaria Ceramics के लगातार दमदार प्रदर्शन को दिखाते हैं। डिविडेंड और शेयर बायबैक की घोषणा कंपनी के मैनेजमेंट के भविष्य के प्रति विश्वास और शेयरधारकों को बेहतर रिटर्न देने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। श्रीकालहस्ती फैसिलिटी का विस्तार दक्षिणी भारत में टाइल्स की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए है, जबकि अन्य कंपनियों में निवेश से Kajaria ग्रुप के प्रोडक्ट पोर्टफोलियो और स्ट्रक्चर को मजबूती मिलेगी।
सामने हैं ये चुनौतियां
हालांकि, कंपनी के सामने कुछ चुनौतियां भी हैं। इसकी एक सहायक कंपनी Kerovit Global Private Limited में ₹20.65 करोड़ के फ्रॉड का मामला सामने आया है, जिसकी पुलिस जांच चल रही है। इस वजह से कंपनी को ₹19.81 करोड़ का नेट लॉस उठाना पड़ा है। साथ ही, Kajaria International DMCC को दिए गए लोन पर ₹5.78 करोड़ का इंपेयरमेंट लॉस भी दर्ज किया गया है। कंपनी भारत के नए लेबर कोड के प्रभाव का भी आकलन कर रही है।
