दमदार नतीजे और शेयरधारकों को तोहफा
Kajaria Ceramics ने 31 मार्च 2026 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर के लिए मजबूत नतीजे घोषित किए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 62.3% की शानदार उछाल के साथ ₹487 करोड़ रहा। इस दौरान, टोटल इनकम 4.39% बढ़कर ₹4,883.22 करोड़ दर्ज की गई। कंपनी ने अपने शेयरधारकों को रिटर्न देने के लिए ₹297 करोड़ के शेयर बायबैक (Share Buyback) और ₹14 प्रति शेयर के डिविडेंड (Dividend) को भी मंजूरी दी है।
चौथी तिमाही (Q4 FY26) के प्रदर्शन की बात करें तो कंसोलिडेटेड टोटल इनकम 12.28% बढ़कर ₹1,385.84 करोड़ रही, और नेट प्रॉफिट ₹156.56 करोड़ दर्ज किया गया। स्टैंडअलोन नतीजों में, पूरे फाइनेंशियल ईयर के लिए कुल आय ₹4,453.60 करोड़ और नेट प्रॉफिट ₹456.77 करोड़ रहा।
विस्तार की योजना और कर्ज में कमी
भविष्य की ग्रोथ को भुनाने के लिए, Kajaria Ceramics ने श्रीकालहस्ती (Srikalahasti) प्लांट में ₹210 करोड़ के बड़े विस्तार की योजना बनाई है। इससे कंपनी अपनी प्रोडक्शन कैपेसिटी में 10 मिलियन स्क्वायर मीटर जोड़ने की तैयारी में है। कंपनी ने अपने कंसोलिडेटेड नॉन-करंट बोरिंग्स (कर्ज) को भी पिछले साल के ₹71.38 करोड़ से घटाकर ₹49.14 करोड़ कर लिया है।
गवर्नेंस पर सवाल: सब्सिडियरी में धोखाधड़ी
हालांकि, कंपनी के वित्तीय नतीजों के बीच कुछ चिंताजनक खबरें भी सामने आई हैं। Kajaria Plywood Private Limited के लगातार घाटे के कारण उसका संचालन बंद कर दिया गया है। इससे भी गंभीर बात यह है कि सब्सिडियरी Kerovit Global Private Limited में ₹20.65 करोड़ की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है, जिसमें कंपनी के पूर्व सीएफओ (CFO) भी शामिल हैं। इन सबके अलावा, नए लेबर कोड (New Labour Codes) से संबंधित प्रावधानों के लिए ₹19.43 करोड़ का प्रावधान और एक सब्सिडियरी को दिए गए लोन पर ₹5.78 करोड़ का इंपेयरमेंट लॉस (Impairment Loss) भी दर्ज किया गया है। इन मुद्दों ने कंपनी के गवर्नेंस (Governance) पर सवाल खड़े किए हैं, जिन पर निवेशकों की पैनी नजर रहेगी।
निवेशक क्या देखें?
कंपनी की मजबूत प्रॉफिट ग्रोथ उसकी ऑपरेशनल एफिशिएंसी और प्रोडक्ट की बढ़ती मांग को दर्शाती है। शेयर बायबैक और डिविडेंड शेयरधारकों को रिटर्न देने और भविष्य के कैश फ्लो पर विश्वास जताने का संकेत है। वहीं, क्षमता विस्तार भविष्य में मार्केट शेयर बढ़ाने की कंपनी की रणनीति का हिस्सा है। लेकिन, सब्सिडियरी में हुई धोखाधड़ी और गवर्नेंस से जुड़े अन्य मुद्दे निवेशकों के लिए मुख्य चिंता का विषय बने रहेंगे।
