K.P.R. Mill के FY26 नतीजे: Profit में 11% की ग्रोथ, 500% डिविडेंड
K.P.R. Mill Limited ने 31 मार्च 2026 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर (FY26) के ऑडिटेड नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी ने ₹6,650.37 करोड़ का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू दर्ज किया, वहीं कंसोलिडेटेड प्रॉफिट ₹866.50 करोड़ पर पहुंच गया। पिछले फाइनेंशियल ईयर के लगभग ₹780 करोड़ के मुकाबले यह प्रॉफिट में करीब 11% की ग्रोथ दिखाता है।
अलग से (Standalone) बात करें तो, कंपनी का रेवेन्यू ₹4,504.16 करोड़ रहा और प्रॉफिट ₹606.02 करोड़ दर्ज किया गया।
₹866 करोड़ Profit पर 500% डिविडेंड का ऐलान
इस शानदार प्रदर्शन को देखते हुए, K.P.R. Mill के बोर्ड ने शेयरधारकों की मंजूरी के अधीन, 250% (यानी ₹2.50 प्रति शेयर) के फाइनल डिविडेंड की सिफारिश की है। इसके साथ ही, FY 2025-26 के लिए कुल डिविडेंड 500% हो गया है, जो निवेशकों के लिए एक बड़ी राहत है।
टेक्सटाइल से शुगर-इथेनॉल तक, KPR Mill का विविधीकरण
K.P.R. Mill एक स्थापित इंटीग्रेटेड टेक्सटाइल मैन्युफैक्चरर है, जिसके कारोबार में स्पिनिंग, वीविंग, निटिंग, प्रोसेसिंग और गारमेंटिंग शामिल हैं। कंपनी ने रणनीतिक रूप से शुगर (चीनी) और इथेनॉल सेक्टर में भी अपने कदम बढ़ाए हैं, जिससे आय के कई स्रोत बन गए हैं और बिजनेस की मजबूती बढ़ी है। यह विविधीकरण (diversification) कंपनी को सेक्टर-विशिष्ट बाजार की उठापटक से बचाने में मदद करता है।
जोखिम और प्रतिस्पर्धा
हालांकि, कंपनी के सामने कुछ जोखिम भी हैं, जैसे कि वित्तीय रिपोर्टिंग में गलतियों या धोखाधड़ी की संभावना और गोइंग कंसर्न स्टेटस को प्रभावित करने वाले सामान्य जोखिम। सरकार द्वारा नए लेबर कोड (Labour Codes) को भी कंपनी बारीकी से देख रही है, जिनके दीर्घकालिक प्रभाव पर नजर रखी जाएगी। टेक्सटाइल इंडस्ट्री में K.P.R. Mill को Arvind Ltd, Vardhman Textiles और Raymond Ltd जैसे बड़े खिलाड़ियों से कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ता है।
आगे क्या देखें?
निवेशकों की निगाहें अब 250% फाइनल डिविडेंड के लिए शेयरधारकों की मंजूरी पर टिकी रहेंगी। साथ ही, कंपनी की भविष्य की ग्रोथ स्ट्रैटेजी और नए लेबर कोड के परिचालन पर पड़ने वाले असर पर भी नजर रखी जाएगी।
