KPCL का दमदार प्रदर्शन: मार्जिन विस्तार से मुनाफे में 25% की उछाल
Kirloskar Pneumatic Company Ltd (KPCL) ने 31 मार्च 2026 को समाप्त हुए वित्त वर्ष के लिए अपने नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का कुल इनकम ₹1,786 करोड़ रहा, जो पिछले वित्त वर्ष के ₹1,651 करोड़ से अधिक है। मार्जिन विस्तार की वजह से कंपनी के प्रॉफिट बिफोर टैक्स (PBT) में 25% का जबरदस्त उछाल आया है और यह ₹284 करोड़ से बढ़कर ₹356 करोड़ हो गया।
PAT और EPS में भी बड़ी बढ़ोतरी
पूरे वित्त वर्ष 2026 के लिए, KPCL का प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) करीब 22% बढ़कर ₹258 करोड़ दर्ज किया गया। वहीं, बेसिक अर्निंग्स पर शेयर (EPS) में भी सुधार हुआ, जो ₹32.56 से बढ़कर ₹39.80 पर पहुंच गया।
चौथी तिमाही के नतीजे भी रहे शानदार
चौथी तिमाही (Q4 FY26) के नतीजे भी काफी प्रभावशाली रहे। इस तिमाही में कंपनी का स्टैंडअलोन रेवेन्यू 21% बढ़कर ₹706 करोड़ हो गया, जबकि पिछले साल की समान अवधि में यह ₹583 करोड़ था। EBITDA मार्जिन में भारी सुधार देखने को मिला, जो 19.2% से बढ़कर 27% (यानी ₹192 करोड़) पर आ गया। Q4 FY26 में PBT 79% बढ़कर ₹184 करोड़ और PAT 78% बढ़कर ₹144 करोड़ रहा।
रिकॉर्ड ऑर्डर इनफ्लो और मजबूत भविष्य
कंपनी के भविष्य को लेकर भी अच्छी खबरें हैं। 1 अप्रैल, 2026 तक KPCL का ऑर्डर बुक ₹1,863 करोड़ का है, जो पिछले साल के मुकाबले 15% ज्यादा है। वित्त वर्ष 2026 में कंपनी ने रिकॉर्ड ऑर्डर इनफ्लो हासिल किया, जो ₹2,000 करोड़ के पार चला गया। यह मजबूत डिमांड को दर्शाता है।
शेयरधारकों को 600% डिविडेंड और शेयरों का विभाजन
शेयरधारकों को पुरस्कृत करने के लिए, कंपनी के बोर्ड ने 600% का रिकॉर्ड फाइनल डिविडेंड घोषित किया है, जो कंपनी के इतिहास में अब तक का सबसे अधिक है। इसके अलावा, बोर्ड ने ₹2 के फेस वैल्यू वाले इक्विटी शेयरों को ₹1 फेस वैल्यू के शेयरों में सब-डिवाइड (Sub-divide) करने का प्रस्ताव भी दिया है। इस कदम का उद्देश्य शेयरों को ज्यादा लोगों के लिए किफायती और लिक्विड बनाना है। यह प्रस्ताव शेयरधारकों की मंजूरी के अधीन है।
