'मेक इन इंडिया' को मिला बड़ा बूस्ट
K.P. Energy Limited द्वारा लगाई गई यह 4.2 MW क्षमता वाली टर्बाइन Senvion India द्वारा निर्मित की गई है। इसकी सबसे खास बात यह है कि इसमें 85% से भी ज़्यादा लोकल कंपोनेंट्स का इस्तेमाल किया गया है, जो कि 'मेक इन इंडिया' पहल के उद्देश्यों के अनुरूप है। इस टर्बाइन का रोटर 160 मीटर लंबा है और हब की ऊंचाई 140 मीटर है। ये स्पेसिफिकेशन्स इसे हवा से ज़्यादा से ज़्यादा एनर्जी कैप्चर करने और विभिन्न विंड कंडीशंस में बेहतर परफॉरमेंस देने में मदद करेंगे।
आत्मनिर्भर भारत की ओर कदम
भारत के विंड एनर्जी सेक्टर में आत्मनिर्भरता बढ़ाने के लिए यह डेवलपमेंट बेहद महत्वपूर्ण है। यह इस बात का पुख्ता सबूत है कि 'मेक इन इंडिया' पॉलिसी अब एडवांस्ड और हाई-कैपेसिटी विंड टर्बाइन के डोमेस्टिक प्रोडक्शन को बढ़ावा देने में सफल हो रही है। K.P. Energy के लिए, इसका मतलब है नेक्स्ट-जेनरेशन टेक्नोलॉजी को अपनाना, जिससे रिन्यूएबल एसेट्स से बेहतर जनरेशन एफिशिएंसी और लंबे समय में ज्यादा वैल्यू मिलने की उम्मीद है।
इंडस्ट्री में KP Energy की पोजिशन
K.P. Energy एक इंडिपेंडेंट पावर प्रोड्यूसर (IPP) के तौर पर भारत भर में विंड पावर प्रोजेक्ट्स डेवलप करती है। 'मेक इन इंडिया' पहल 2014 में शुरू हुई थी, जिसका लक्ष्य भारत को एक ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब बनाना है। हालांकि Senvion के ग्लोबल बिजनेस में बदलाव आए हैं, जिसमें 2021 में Adani Green Energy द्वारा इसके भारतीय आर्म का अधिग्रहण भी शामिल है, Senvion India ने इस खास टर्बाइन का निर्माण करके अपनी लोकल प्रोडक्शन क्षमता का प्रदर्शन किया है।
कॉम्पिटिशन और भविष्य की राह
डोमेस्टिक मार्केट में Suzlon Energy Ltd. और Inox Wind Ltd. जैसी कंपनियां भी 'मेक इन इंडिया' विंड टर्बाइन मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा दे रही हैं। Vestas India भी इस क्षेत्र में एक बड़ा प्लेयर है। अब सबकी निगाहें December 2025 तक इस नई टर्बाइन मॉडल के Approved List of Models and Manufacturers (ALMM) में शामिल होने पर होंगी, जो इसके बड़े पैमाने पर डिप्लॉयमेंट के लिए ज़रूरी है। K.P. Energy के प्रोजेक्ट पाइपलाइन और 'मेक इन इंडिया' सर्टिफाइड टर्बाइनों को अपनाने पर भी नजर रखी जाएगी।
