टैक्स के मोर्चे पर क्या हुआ?
पुणे, महाराष्ट्र के ज्वाइंट कमिश्नर ऑफ स्टेट टैक्स ने Kirloskar Oil Engines (KOEL) के एक महत्वपूर्ण मामले में फैसला सुनाया है। यह फैसला फाइनेंशियल ईयर 2020-21 के लिए कंपनी पर लगाए गए टैक्स और इंटरेस्ट की मांग से जुड़ा है। इस अपील पर आई रिपोर्टों के मुताबिक, कंपनी की देनदारी काफी कम हो गई है।
मूल टैक्स मांग ₹1,28,33,572 थी, जिसे घटाकर ₹1,25,05,603 कर दिया गया है। इसी तरह, मूल इंटरेस्ट मांग ₹1,10,43,912 को घटाकर ₹1,09,68,308 कर दिया गया है। हालांकि, ₹25,13,471 का पेनल्टी बरकरार रखा गया है।
यह मामला FY20-21 में GST शॉर्ट पेमेंट्स और इनपुट टैक्स क्रेडिट (Input Tax Credit) के डिसअलाउंस से जुड़ा था। KOEL का कहना है कि इस फैसले का कंपनी के फाइनेंसियल या ऑपरेशनल एक्टिविटीज पर कोई बड़ा नेगेटिव असर नहीं पड़ेगा।
आगे क्या?
इसके बावजूद, कंपनी इस मामले में एक सेकंड अपील (second appeal) फाइल कर रही है। इसका मतलब है कि टैक्स से जुड़े मामले अभी पूरी तरह से सुलझे नहीं हैं और जारी रहेंगे।
यह मामला KOEL के लिए एकमात्र टैक्स डिस्प्यूट नहीं है। कंपनी इनकम टैक्स डिपार्टमेंट से FY 2022-23 के लिए ₹19.17 करोड़ की एक और शो कॉज नोटिस (Show Cause Notice) का सामना कर रही है। साथ ही, महाराष्ट्र टैक्स अथॉरिटीज ने FY 2021-22 के लिए ₹18.7 करोड़ की इनपुट टैक्स क्रेडिट मिसमैच को लेकर एक नोटिस जारी किया है। KOEL, SEBI के साथ भी एक लीगल बैटल में उलझी हुई है।
यह लगातार जारी टैक्स लिटिगेशन कंपनी के लिए लीगल खर्चे बढ़ा सकता है और मैनेजमेंट का ध्यान भी खींचेगा। सेकंड अपील के नतीजे इस मामले को अंतिम रूप देंगे।
