KNR Constructions ने बाजार को सूचित किया है कि उनकी 100% मालिकाना हक वाली सब्सिडियरी, KNR Manyamkonda Infra Private Limited, ने NHAI के साथ एक महत्वपूर्ण कॉन्सेशन एग्रीमेंट (Concession Agreement) साइन किया है।
यह एग्रीमेंट 11 मई, 2026 को हुआ है और यह तेलंगाना में 80.01 किलोमीटर लंबे हाईवे के डेवलपमेंट और कंस्ट्रक्शन के लिए है। खास बात यह है कि यह प्रोजेक्ट हाइब्रिड एन्युइटी मोड (HAM) पर आधारित है। इस प्रोजेक्ट के तहत NH-167 के Gudebellur से Mahabubnagar सेक्शन को 4-लेन में डेवलप किया जाएगा। कंपनी को इस प्रोजेक्ट का लेटर ऑफ अवार्ड (LOA) 28 मार्च, 2026 को ही मिल गया था।
इस नए HAM प्रोजेक्ट के मिलने से KNR Constructions का ऑर्डर बुक काफी मजबूत हुआ है। इससे कंपनी को भविष्य में होने वाली कमाई का एक साफ विजन (Visibility) मिल गया है। HAM मॉडल के ज़रिए KNR, NHAI के साथ प्रोजेक्ट के रिस्क को शेयर करती है और कंस्ट्रक्शन पूरा होने के बाद एक तय एन्युइटी इनकम (Annuity Income) सुनिश्चित करती है, जो कंपनी की लॉन्ग-टर्म फाइनेंशियल स्टेबिलिटी के लिए अच्छा है।
KNR Constructions इंडिया के इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में, खासकर रोड कंस्ट्रक्शन में एक जाना-माना नाम है। कंपनी लगातार HAM प्रोजेक्ट्स पर फोकस कर रही है, जिससे उन्हें प्रेडिक्टेबल कैश फ्लो मिलता है। आपको बता दें कि 31 मार्च, 2024 तक, KNR Constructions का कंसोलिडेटेड ऑर्डर बुक लगभग ₹25,370 करोड़ का था।
इस स्पेस में KNR Constructions का मुकाबला PNC Infratech और HG Infra Engineering जैसी कंपनियों से है, जो इसी तरह के HAM और EPC रोड प्रोजेक्ट्स पर काम करती हैं। बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में हमेशा एग्जीक्यूशन टाइमलाइन और लागत बढ़ने जैसे जोखिम बने रहते हैं। स्टील और सीमेंट जैसे कच्चे माल की कीमतों में उतार-चढ़ाव भी प्रोजेक्ट की मुनाफाखोरों को प्रभावित कर सकता है।
