NCLT का बड़ा फैसला: K.M. Sugar Mills को मिली डीमर्जर की शुरुआती मंजूरी
नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) ने K.M. Sugar Mills Limited के डिस्टिलरी डिविजन को KM Spirits and Allied Industries Limited नामक एक नई कंपनी में डीमर्ज करने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की शुरुआती मंजूरी दे दी है। NCLT ने 24 मार्च 2026 के अपने आदेश में कंपनी को निर्देश दिया है कि वह अपने इक्विटी शेयरहोल्डर्स और अनसिक्योर्ड क्रेडिटर्स की मीटिंग 30 मई 2026 को बुलाए। इन मीटिंग्स में डीमर्जर स्कीम पर वोटिंग की जाएगी। राहत की बात यह है कि NCLT ने कंपनी के सिक्योर्ड क्रेडिटर्स की मीटिंग बुलाने की आवश्यकता को माफ कर दिया है, क्योंकि इस ग्रुप की ओर से 96.23% से अधिक की सहमति मिल चुकी थी। यह डीमर्जर 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी होने की योजना है।
स्ट्रैटेजिक रीस्ट्रक्चरिंग से हर बिजनेस को मिलेगा नया बूस्ट
K.M. Sugar Mills का यह कदम एक स्ट्रैटेजिक मूव है, जिसके तहत कंपनी अपनी डिस्टिलरी डिविजन को एक स्टैंडअलोन एंटिटी के तौर पर स्थापित करना चाहती है। KM Spirits and Allied Industries Limited के गठन के साथ, कंपनी का लक्ष्य अपने दो प्रमुख बिजनेस सेगमेंट – शुगर मैन्युफैक्चरिंग और स्पिरिट प्रोडक्शन – को अलग-अलग स्ट्रैटेजिक प्राथमिकताएं तय करने देना है। इस अलगाव से उम्मीद है कि दोनों ऑपरेशन्स के लिए वैल्यू अनलॉक होगी, ग्रोथ के नए मौके खुलेंगे और संभावित फाइनेंशियल या ऑपरेशनल रिस्क भी अलग-अलग सेगमेंट में सीमित रहेंगे।
शेयरहोल्डर्स को क्या मिलेगा?
डीमर्जर पूरा होने के बाद, K.M. Sugar Mills Limited अपनी शुगर मैन्युफैक्चरिंग डिविजन और कोजेनरेशन प्लांट का प्रबंधन जारी रखेगी। वहीं, डिस्टिलरी डिविजन नए रूप में KM Spirits and Allied Industries Limited के तहत काम करेगा। K.M. Sugar Mills के शेयरहोल्डर्स को नई कंपनी में शेयर मिलेंगे। इस डीमर्जर स्कीम के तहत, K.M. Sugar Mills के हर 5 शेयर के बदले KM Spirits and Allied Industries Limited का 1 शेयर मिलेगा। यह स्ट्रक्चर दोनों बिजनेस के लिए स्वतंत्र स्ट्रैटेजिक प्लानिंग और कैपिटल एलोकेशन को आसान बनाएगा।
आगे की राह और इंडस्ट्री कनेक्शन
हालांकि NCLT से शुरुआती मंजूरी मिल चुकी है, लेकिन डीमर्जर को अंतिम रूप देने के लिए 30 मई 2026 को होने वाली शेयरहोल्डर्स और अनसिक्योर्ड क्रेडिटर्स की मीटिंग्स का नतीजा बहुत महत्वपूर्ण है। इन मीटिंग्स के बाद चेयरपर्सन की रिपोर्ट NCLT को सबमिट करनी होगी और फिर सेकंड मोशन पिटीशन फाइल करनी होगी, जिसके बाद NCLT अंतिम मंजूरी देगा। K.M. Sugar Mills के इंडस्ट्री पियर्स जैसे Balrampur Chini Mills, Dwarikesh Sugar Industries, और Dhampur Sugar Mills भी इसी तरह इंटीग्रेटेड शुगर, इथेनॉल और पावर बिजनेस चलाते हैं, और डीमर्जर का यह कदम ऐसे ही कॉरपोरेट ट्रेंड्स का हिस्सा है। इस वोटिंग में 54,359 इक्विटी शेयरहोल्डर्स और 414 अनसिक्योर्ड क्रेडिटर्स भाग लेंगे।
