कंस्ट्रक्शन में क्रांति की तैयारी
यह एमओयू (MoU) 24 अप्रैल 2026 को घोषित किया गया था और इसका मुख्य लक्ष्य ऑस्ट्रेलिया में घरों की भारी कमी और affordability crisis से निपटना है। यह साझेदारी $500 अरब के बड़े बाजार के दरवाजे खोल सकती है।
ऑस्ट्रेलिया का लक्ष्य 2030 तक 12 लाख (1.2 मिलियन) नए घर बनाना है, जो इस तरह के इनोवेटिव कंस्ट्रक्शन सॉल्यूशंस के लिए एक बड़ा अवसर पैदा करता है।
समझौते के तहत, KICL ऑस्ट्रेलिया में मार्केट डेवलपमेंट, कस्टमर एंगेजमेंट, स्थानीय पार्टनरशिप बनाने और फाइनेंसिंग के समन्वय का नेतृत्व करेगी। वहीं, Tvasta Manufacturing Solutions अपनी खास कंस्ट्रक्शन 3D प्रिंटिंग टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म, एक्जीक्यूशन और ऑपरेशनल सपोर्ट मुहैया कराएगी। इस सहयोग में स्थानीय ऑस्ट्रेलियाई वर्कफोर्स को ट्रेनिंग देना और ऑन-ग्राउंड ऑपरेशनल क्षमताएं स्थापित करना भी शामिल है।
यह कदम KICL के लिए एडवांस्ड कंस्ट्रक्शन टेक्नोलॉजी में स्ट्रेटेजिक डाइवर्सिफिकेशन का हिस्सा है। कंपनी का फर्टिलाइजर, एफएमसीजी, ड्रोन, होटल और फुटवियर जैसे सेक्टरों में भी निवेश का इतिहास रहा है।
Tvasta Manufacturing Solutions, IIT मद्रास के एलुमनाई द्वारा स्थापित, भारत में कंस्ट्रक्शन 3D प्रिंटिंग की एक अग्रणी कंपनी है। इसने इंडिया सीमेंट्स और गोदरेज कंस्ट्रक्शन के साथ भी काम किया है।
ऑस्ट्रेलिया के कंस्ट्रक्शन इकोसिस्टम में 3D प्रिंटिंग तकनीक को सफलतापूर्वक लागू करने और बढ़ाने में रेगुलेटरी फ्रेमवर्क्स, लेबर की उपलब्धता और स्थानीय बिल्डिंग कोड्स जैसे कई चैलेंज आ सकते हैं।
ऑस्ट्रेलियाई 3D प्रिंटिंग मार्केट का मूल्य 2025 में AUD 821.94 मिलियन था और 2026 से 2035 तक 18.7% के CAGR से बढ़ने का अनुमान है। LUYTEN जैसी कंपनियां भी इस क्षेत्र में सक्रिय हैं।
