FY26 में KEI Industries का शानदार प्रदर्शन
KEI Industries ने 31 मार्च 2026 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर के लिए अपने ऑडिटेड नतीजे पेश किए हैं। कंपनी ने FY26 में ₹11,747.76 करोड़ का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू दर्ज किया, जो पिछले साल यानी FY25 के ₹9,735.88 करोड़ की तुलना में 21% ज्यादा है।
कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट FY26 में 31.7% बढ़कर ₹918.43 करोड़ हो गया, जबकि पिछले साल यह ₹696.41 करोड़ था। इसी के साथ, प्रॉफिट बिफोर टैक्स (PBT) भी ₹936.97 करोड़ से बढ़कर ₹1,232.33 करोड़ हो गया।
कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने M/s Jagdish Chand & Co. को इंटरनल ऑडिटर और M/s S. Chander & Associates को फाइनेंशियल ईयर 2026-27 के लिए कॉस्ट ऑडिटर के तौर पर फिर से नियुक्त करने को भी मंजूरी दे दी है।
डिमांड ने खींचा परफॉरमेंस को ऊपर
रेवेन्यू और प्रॉफिट में यह ज़बरदस्त ग्रोथ KEI Industries के सभी प्रोडक्ट सेगमेंट्स में मजबूत डिमांड को दर्शाती है। यह डिमांड इंफ्रास्ट्रक्चर, रियल एस्टेट और पावर सेक्टर में चल रहे निवेशों के कारण बढ़ी है।
ग्रोथ के लिए स्ट्रैटेजिक कदम
केबल्स और वायर्स बनाने वाली प्रमुख कंपनी KEI Industries अपने रिटेल सेगमेंट, जिसमें हाउस वायर्स, वाइंडिंग वायर्स और फ्लेक्सिबल वायर्स शामिल हैं, को लगातार बढ़ाने पर फोकस कर रही है। कंपनी गुजरात के सानंद में एक नई ग्रीनफील्ड यूनिट के साथ अपनी मैन्युफैक्चरिंग कैपेसिटी को भी बढ़ा रही है और हाई वोल्टेज डायरेक्ट करंट (HVDC) केबल्स जैसी एडवांस टेक्नोलॉजीज़ विकसित कर रही है।
इसके अलावा, KEI Industries ने नवंबर 2024 में ₹2,000 करोड़ का फंड क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट (QIP) के जरिए जुटाकर अपनी फाइनेंशियल पोजीशन को और मजबूत किया है।
कॉम्पिटिटर्स की दुनिया
भारतीय वायर्स और केबल्स मार्केट में KEI Industries का मुकाबला Polycab India Ltd., Finolex Cables Ltd., और RR Kabel Ltd. जैसी बड़ी कंपनियों से है। Polycab India को अक्सर मार्केट लीडर माना जाता है, जबकि Finolex Cables और RR Kabel भी विभिन्न प्रोडक्ट कैटेगरीज में मजबूत दावेदार हैं।
निवेशकों को क्या देखना चाहिए?
निवेशकों को KEI Industries के ऑर्डर बुक पर नज़र रखनी चाहिए, खासकर इसके EPC प्रोजेक्ट्स सेगमेंट में। कंपनी के भविष्य के ग्रोथ ड्राइवर्स, जैसे कि उसके बढ़ते रिटेल नेटवर्क का परफॉरमेंस और HVDC केबल्स जैसी नई टेक्नोलॉजीज़ का डिप्लॉयमेंट, महत्वपूर्ण होंगे। कॉम्पिटिटर्स की तुलना में लगातार मार्केट शेयर में बढ़ोतरी और मार्जिन परफॉरमेंस पर भी बारीकी से नज़र रखी जाएगी।
