JV से हिस्सेदारी की बिक्री
Jost's Engineering ने हाल ही में हुई अपनी बोर्ड मीटिंग में महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। कंपनी Suryavayu Renewable Energy Solutions Private Limited (SRESPL) नामक ज्वाइंट वेंचर (JV) में अपनी 50% हिस्सेदारी पार्टनर Kay Cee Energy & Infra Limited को ₹4.124 प्रति शेयर के भाव पर बेचने जा रही है। इस डील के तहत, JV की नेट वर्थ ₹5,00,000 रखी गई है।
नई सब्सिडियरी का गठन
इसके साथ ही, Jost's Engineering अपने इंजीनियरिंग प्रोडक्ट्स और सर्विस बिजनेस के लिए एक नई, 100% अपनी भारतीय सब्सिडियरी स्थापित करेगी। इस नई इकाई की ऑथोराइज्ड शेयर कैपिटल ₹1,00,000 होगी, जिसमें Jost's Engineering इसी राशि के शेयर खरीदेगी।
CFO में बदलाव
कंपनी के फाइनेंस विभाग में भी एक बड़ा बदलाव हुआ है। चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर (CFO) मिस्टर प्रनेश भंडारी (Mr. Pranesh Bhandari) का इस्तीफा 31 मार्च, 2026 से स्वीकार कर लिया गया है। उनकी जगह मिस्टर के सी सोमानी (Mr. K C Somani) को 1 अप्रैल, 2026 से नया CFO नियुक्त किया गया है, ताकि कंपनी के वित्तीय कामकाज में निरंतरता बनी रहे।
स्ट्रेटेजिक रीअलाइनमेंट
इन फैसलों से Jost's Engineering अपनी बिजनेस स्ट्रेटेजी को और मजबूत करने की कोशिश कर रही है। रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर से बाहर निकलकर, कंपनी उन क्षेत्रों पर अपना फोकस बढ़ाएगी जो उसके मुख्य मैन्युफैक्चरिंग और इंजीनियरिंग ऑपरेशन्स से सीधे जुड़े हैं। नई सब्सिडियरी का गठन यह दर्शाता है कि कंपनी इंजीनियर्ड प्रोडक्ट्स सेगमेंट में ग्रोथ के बड़े अवसरों को भुनाने की योजना बना रही है।
कंपनी बैकग्राउंड और हालिया परफॉरमेंस
Jost's Engineering का कारोबार 1907 से चल रहा है, और यह मटेरियल हैंडलिंग इक्विपमेंट व इंजीनियर्ड प्रोडक्ट्स के क्षेत्र में स्थापित है। Suryavayu JV का गठन 9 दिसंबर, 2024 को पावर और रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में प्रवेश के लिए हुआ था। हालांकि, हाल के दिनों में कंपनी को वित्तीय चुनौतियों का सामना करना पड़ा है, जैसे कि Q2 FY25-26 में रेवेन्यू में 18.87% और नेट प्रॉफिट में 70% की भारी गिरावट।
भविष्य की राह
इन कॉर्पोरेट बदलावों के बाद, Jost's Engineering से उम्मीद है कि वह अपने मुख्य मैन्युफैक्चरिंग और इंजीनियरिंग वर्टिकल्स पर अधिक ध्यान केंद्रित करेगी। कंपनी के निवेशक इस JV डील के पूरा होने और नई सब्सिडियरी की प्रगति पर पैनी नजर रखेंगे। नए CFO के नेतृत्व में कंपनी की वित्तीय रणनीति पर भी ध्यान दिया जाएगा।